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PM-CM के डीपफेक वीडियो से साइबर ठगी

गृह मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

सोशल मीडिया पर सरकारी योजनाओं के नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद गृह मंत्रालय ने लोगों को सतर्क किया है।

साइबर ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्रियों के डीपफेक वीडियो

का इस्तेमाल कर लोगों को आर्थिक मदद का झांसा दे रहे हैं।

इसके बाद टैक्स, रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं।

गृह मंत्रालय की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (NCTAU) ने 19 अक्टूबर को जारी एडवाइजरी में इस तरह के फ्रॉड को लेकर चेतावनी दी है।

मंत्रालय ने लोगों से सोशल मीडिया पर दिखने वाले सरकारी योजनाओं के विज्ञापनों की सत्यता जांचने

और अनजान लोगों के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है।

नेताओं के फर्जी वीडियो से लोगों को बना रहे निशाना

साइबर ठग सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन प्रसारित कर रहे हैं, जिनमें प्रमुख नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के वीडियो से छेड़छाड़ की जाती है।

इन वीडियो में नेताओं को कथित तौर पर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करते

और जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता देने का दावा करते दिखाया जाता है।

कुछ विज्ञापनों में संपर्क नंबर दिए जाते हैं, जबकि कुछ के जरिए लोगों को फर्जी वेबसाइटों पर भेजा जाता है।

इसके बाद फोन कॉल या व्हाट्सएप चैट के माध्यम से संपर्क कर सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया जाता है।

टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूली

एडवाइजरी के अनुसार, ठग लोगों को बताते हैं कि उन्हें सरकारी योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए चुना गया है।

रकम जारी करने से पहले उनसे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज या वेरिफिकेशन फीस मांगी जाती है।

कई बार अलग-अलग शुल्क के नाम पर बार-बार भुगतान कराया जाता है।

इसके अलावा नकली कैशबैक, स्क्रैच कार्ड और स्पिन-एंड-विन प्रतियोगिताओं के जरिए भी लोगों को फंसाया जाता है।

मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय नंबरों, विशेषकर पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 से शुरू होने वाले नंबरों से आने वाली ऐसी कॉल के प्रति भी सावधानी बरतने को कहा है।

UPI PIN डालने से खाते से निकल सकते हैं पैसे

ठगी के कुछ मामलों में लोगों को इनाम की राशि प्राप्त करने के नाम पर पेमेंट ऐप पर भेजा जाता है।

वहां उनसे UPI PIN डालने या कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार करने को कहा जाता है। ऐसा करने पर उनके खाते से पैसे कट सकते हैं।

याद रखें, UPI PIN पैसे भेजने या भुगतान को मंजूरी देने के लिए होता है, पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं।

किसी भी भुगतान अनुरोध को स्वीकार करने से पहले राशि और प्राप्तकर्ता की जानकारी जरूर जांचें।

आधार, PAN और OTP साझा न करें

गृह मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी सरकारी योजना की जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित करें।

खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्ति की पहचान भी आधिकारिक माध्यमों से जांचें।

मंत्रालय ने आधार नंबर, PAN, बैंक खाते की जानकारी, OTP और UPI PIN जैसी

संवेदनशील जानकारियां अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने की अपील की है।

सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर अग्रिम भुगतान मांगने वालों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।

साइबर ठगी होने पर यहां करें शिकायत

अगर कोई व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।

इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी नेता का वीडियो या सरकारी योजना का विज्ञापन देखकर उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

आर्थिक सहायता से जुड़े किसी भी दावे की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करने के बाद ही आगे बढ़ें।

https://regionalreporter.in/uksssc-exam-postponed-2026-new-dates/
https://youtu.be/eRfk4qPzcpw?si=g-bXrAdddqlkYuN7
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