विद्यार्थियों ने सीखी जापानी संस्कृति और तकनीक
पिथौरागढ़, 20 अक्टूबर। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में
पृथ्वीकुल जापानी स्कूल के सहयोग से आयोजित एक सप्ताह का सांस्कृतिक, शैक्षणिक और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और स्थानीय युवाओं को जापानी भाषा, संस्कृति और जीवनशैली से परिचित कराने के साथ रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना रहा।
सूमो कुश्ती, रामलीला और पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुति
समापन दिवस पर ‘प्लैनेटस्कूल नर शौर्य कॉन्क्लेव’ आयोजित किया गया।
इसमें साहस, अनुशासन, चरित्र और नारी शक्ति पर केंद्रित प्रस्तुतियां दी गईं।
विद्यार्थियों ने जापान की सूमो कुश्ती, भारत की पारंपरिक युद्धकला और रामलीला का मंचन किया।
इसके साथ ही बोधिधर्म और दारुमा पर आधारित नाटक तथा बौद्ध धर्म के महत्व पर लघु नाटिका प्रस्तुत की गई।
विद्यार्थियों ने जिम्नास्टिक और शतरंज में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।
एआई और नवाचार से जुड़ेंगे विद्यार्थी
कार्यक्रम में शताभिषा एआई परियोजनाओं और छात्र नवाचार गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया।
आयोजकों के अनुसार, भाषा अध्ययन और साझा अनुसंधान के माध्यम से पिथौरागढ़ को
भारत-जापान शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है।
विद्या भारती के तहत इस पहल को अन्य जरूरतमंद विद्यालयों तक पहुंचाने की योजना भी बताई गई।
आयोजकों को उम्मीद है कि इस तरह के कार्यक्रम सीमांत क्षेत्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा,
कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जुड़ने में मदद करेंगे।
शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग पर दिया जोर
कार्यक्रम में सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज, पिथौरागढ़ के निदेशक अजीत सिंह मुख्य अतिथि
और नगर निगम पिथौरागढ़ की मेयर कल्पना देवलाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
अतिथियों ने भारत और जापान के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर पूर्व एनएसजी कमांडो ललित भाटिया, विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरेंद्र कुमार रावत, केएस भाटिया,
त्रिलोक सिंह, संभाग निरीक्षक राजेंद्र चंद, पूर्व राष्ट्रीय बॉक्सर मान सिंह खोलिया, ध्रुव सिंह रावत, सौरभ भसीन,
उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रदीप सेक्रियाल, मनरेगा लोकपाल जगदीश कॉलोनी
और कमल खर्कवाल सहित शिक्षक, पूर्व सैनिक, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।















Leave a Reply