राजघाट पर धरने के दौरान पुलिस की कार्रवाई, अस्पताल में भर्ती कराई गईं सोनी देवी; गोदियाल और हरक सिंह ने भाजपा को घेरा
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राजघाट पर धरने पर बैठे उसके माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने हटा दिया।
इस दौरान अंकिता की मां सोनी देवी बेहोश हो गईं। उन्हें बुराड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि पुलिस अंकिता के माता-पिता को जबरन अपने साथ ले गई और काफी देर तक इधर-उधर घुमाती रही।
हालांकि, पुलिस सूत्रों ने हिरासत में लेने से इनकार करते हुए उन्हें धरनास्थल से हटाने की बात कही है।
अमित शाह के दौरे से पहले कार्रवाई पर सियासत
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता के माता-पिता शांतिप्रिय तरीके से न्याय की मांग कर रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे से पहले उन्हें परेशान करना और डराना अनुचित है।
उन्होंने माता-पिता को तत्काल रिहा करने की मांग की।
वहीं, कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अंकिता के माता-पिता की आवाज से घबरा रही है।
उन्होंने दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंड के लोगों से परिवार की मदद करने की अपील की।

कथित VIP की जांच की मांग
गौरतलब है कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट में हत्या कर दी गई थी।
मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को 30 मई 2025 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
इसके बावजूद कथित VIP की भूमिका का सवाल लगातार उठ रहा है।
जनवरी 2026 में उत्तराखंड सरकार ने परिवार की मांग पर मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की थी।
अब परिवार की मांग है कि जांच में कथित VIP की भूमिका का खुलासा किया जाए।















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