युवकों को माफ करने के विधायक के फैसले से लेकर कांग्रेस नेता की सक्रियता तक, घटनाक्रम के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर असर की चर्चा
युवकों को माफ करने में राजनीतिक समझदारी
2 नवंबर को श्रीनगर में विधायक विनोद कंडारी की इनोवा और स्थानीय युवकों के वाहन की टक्कर अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुकी है।
दो बार के विधायक कंडारी ने घटना के बाद युवकों को माफ करने की बात कही।
इसे अपने विधानसभा क्षेत्र के युवकों के प्रति कोई नकारात्मक संदेश न जाने देने की राजनीतिक समझदारी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
कांग्रेस नेता की सक्रियता ने बढ़ाई सियासी चर्चा
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह असवाल की सक्रियता ने मामले को राजनीतिक रंग दिया।
साहिल सरक्याणा गांव का निवासी है, जिसे भाजपा समर्थक बहुल गांव माना जाता है।
ऐसे में इस घटनाक्रम के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर भी असर को लेकर चर्चा है।
मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई और शिकायत भी वापस ले ली गई।
तीसरी बार दावेदारी के नजरिये से भी अहम घटनाक्रम
31 अक्टूबर को लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा के दौरान कंडारी के समर्थन में जुटी भीड़ के बाद सामने आए
इस घटनाक्रम के राजनीतिक मायने भी अहम हैं।
आगामी विधानसभा चुनाव में तीसरी बार उनकी दावेदारी के लिहाज से भी क्षेत्रीय समीकरणों पर नजर रहेगी।
पत्रकारिता की निष्पक्षता से खिलवाड़ की कड़ी भर्त्सना
‘रीजनल रिपोर्टर’ की पत्रकार अपने संस्थान की एकमात्र मीडिया आईडी के साथ निष्पक्ष समाचार संकलन के लिए कोतवाली पहुंची थीं।
आरोप है कि उत्तम सिंह असवाल, जिलाध्यक्ष, देवप्रयाग जिला कांग्रेस एवं उनके कुछ साथियों ने
उनकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड की गई बातचीत के चुनिंदा अंश सोशल मीडिया पर प्रसारित कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया।
‘रीजनल रिपोर्टर’ की संपादकीय टीम इस कृत्य की कड़ी भर्त्सना करती है।















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