अल्मोड़ा के बाड़ेछीना क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बढ़ गई है।
बुधवार सुबह छानी गांव में झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने एक ग्रामीण पर अचानक हमला कर दिया।
हमले में 46 वर्षीय दीवान सिंह के हाथ और पीठ पर चोटें आई हैं।
घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने पीछे से किया हमला
जानकारी के अनुसार, दीवान सिंह पुत्र मोहन सिंह सुबह करीब 6:30 बजे घर से दुकान की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने पीछे से अचानक उन पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से दीवान सिंह संभल नहीं पाए और घायल हो गए।
उनके हाथ और पीठ पर चोटें आई हैं। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा, गश्त बढ़ाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।
वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगा दिया है। साथ ही वनकर्मियों को नियमित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
रेंजर मोहन राम आर्या ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।
तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और उसे पकड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता
तेंदुए के हमले के बाद छानी गांव में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने और गांव के आसपास नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए की मौजूदगी से खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घायल दीवान सिंह को मुआवजे की राशि भी उपलब्ध करा दी गई है।
अल्मोड़ा में लगातार सामने आ रहे गुलदार के हमले
अल्मोड़ा जिले के कई इलाकों में गुलदार की मौजूदगी लगातार सामने आती रही है। कई बार गुलदार लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार बढ़ रही गुलदार की धमक के बावजूद समस्या से निपटने के लिए प्रभावी और स्थायी रणनीति की जरूरत है।
फिलहाल छानी गांव में वन विभाग की गश्त और तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।
















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