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अल्मोड़ा : हवालबाग विकासखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचे सड़े अंडे

पोषण आहार सप्लाई पर उठे गंभीर सवाल

अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भेजी गई

पूरक पोषण आहार की सप्लाई में बड़ी लापरवाही सामने आई है।

गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के लिए भेजे गए अंडों में कई अंडे सड़े हुए और कीड़ों से भरे पाए गए।

मामला सामने आने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई और उन्होंने पूरी सप्लाई वापस लौटा दी।

46 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भेजी गई थी सप्लाई

जानकारी के अनुसार रुद्रपुर से हवालबाग सेक्टर सेकेंड के 46 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए अंडे, खजूर और केला चिप्स की खेप भेजी गई थी।

यह पोषण सामग्री सिकुड़ा आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचाई गई, जहां अलग-अलग केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सामग्री लेने पहुंची थीं।

लेकिन जैसे ही अंडों की ट्रे खोली गई, वहां तेज दुर्गंध फैल गई।

कार्यकर्ताओं ने देखा कि कई अंडे पूरी तरह सड़ चुके थे और उनमें बड़े-बड़े कीड़े लगे हुए थे।

बदबू इतनी ज्यादा थी कि कमरे में खड़ा होना तक मुश्किल हो गया।

कार्यकर्ताओं ने तुरंत रोकी सप्लाई

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने खराब अंडों को देखकर तुरंत विरोध जताया।

कुछ कार्यकर्ता शुरुआत में अपने हिस्से के अंडे ले गई थीं, लेकिन जब खराब सप्लाई की जानकारी मिली तो सभी ने अंडे वापस कर दिए।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि ये अंडे बच्चों और गर्भवतियों को वितरित कर दिए जाते,

तो उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता था। उन्होंने सप्लाई व्यवस्था और गुणवत्ता जांच पर भी सवाल उठाए।

खजूर और केला चिप्स सही मिले

हालांकि सप्लाई में आए खजूर और केला चिप्स सही हालत में पाए गए, जिसके बाद उन्हें केंद्रों के लिए रख लिया गया।

लेकिन अंडों की खराब गुणवत्ता ने पूरक पोषण आहार योजना की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

अधिकारियों का बयान

बाल विकास परियोजना अधिकारी विनीता सक्सेना ने बताया कि ट्रे में कई अंडे खराब पाए गए थे,

जिसके बाद पूरी सप्लाई रोक दी गई है। संबंधित फर्म से मामले की शिकायत भी की गई है।

पहले भी उठते रहे हैं गुणवत्ता पर सवाल

प्रदेश में सरकारी योजनाओं के तहत वितरित होने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थों

की नियमित गुणवत्ता जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।

स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

https://regionalreporter.in/satpuli-chalo-justice-for-pankaj-kumar-protest/
https://youtu.be/9Uh5mRbFCJk?si=1kQPhoZsPsY1gGTW
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