रीजनल रिपोर्टर

सरोकारों से साक्षात्कार

‘अनिकेत’ ने 50वें वर्ष में किया प्रवेश, स्वर्णिम सफर को यादगार बनाने की तैयारी

प्रख्यात पत्रकार रमेश पहाड़ी की दूरदृष्टि, निर्भीक पत्रकारिता और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता से शुरू हुई ‘अनिकेत’ की यात्रा 50वें वर्ष में प्रवेश कर रही है।

यह केवल ‘अनिकेत’ की स्वर्ण जयंती नहीं है। यह उन मूल्यों और सरोकारों की यात्रा भी है,

जिनके पक्ष में खड़े होकर पत्रकारिता को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया गया।

जनसरोकारों की आवाज बना ‘अनिकेत’

‘अनिकेत’ ने विभिन्न जनांदोलनों की आवाज को प्रमुखता से स्थान दिया।

पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन जैसे मुद्दों को लगातार उठाया गया।

जंगल, जल, जमीन और हिमालय से जुड़े सरोकारों को जनचर्चा का विषय बनाया गया। शराबबंदी जैसे सामाजिक अभियानों को भी मंच मिला।

महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई।

अन्याय, भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ ‘अनिकेत’ ने निर्भीकता से अपनी कलम चलाई।

समाचार के साथ लोगों को अधिकारों के प्रति किया जागरूक

‘अनिकेत’ ने लोगों तक केवल समाचार पहुंचाने का काम नहीं किया।

इसके माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया गया।

सामाजिक उत्तरदायित्व, लोकतांत्रिक मूल्यों, न्याय और जनहित के पक्ष में समाज को लगातार प्रेरित किया गया।

कई ऐसे मुद्दे, जिन्हें कभी स्थानीय माना जाता था, ‘अनिकेत’ की जनपक्षधर पत्रकारिता के कारण व्यापक जनचर्चा का हिस्सा बने।

इन मुद्दों ने आगे चलकर कई जनांदोलनों का आधार भी तैयार किया।

50वां वर्ष सभी सहयोगियों को समर्पित

‘अनिकेत’ की इस यात्रा में अनेक पत्रकारों, लेखकों, सहयोगियों, पाठकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और शुभचिंतकों का योगदान रहा है।

‘अनिकेत’ का 50वां वर्ष उन सभी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने इसकी यात्रा में किसी न किसी रूप में योगदान दिया।

इसी गौरवपूर्ण अवसर को यादगार बनाने के लिए आगामी अक्टूबर माह में ‘अनिकेत’ के स्वर्णिम सफर का भव्य आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर ‘अनिकेत’ से जुड़े रहे पत्रकारों, लेखकों, पाठकों और शुभचिंतकों की स्मृतियों को भी विशेष रूप से संजोया जाएगा।

आपकी यादें बनेंगी ‘अनिकेत’ की विरासत

यदि आप किसी भी रूप में ‘अनिकेत’ की यात्रा से जुड़े रहे हैं, तो अपनी खास स्मृति साझा कर सकते हैं।

आप लेखक, पत्रकार, सहयोगी, पाठक या किसी अन्य भूमिका में ‘अनिकेत’ से जुड़े रहे हों, आपकी कोई न कोई याद जरूर होगी।

वह पहला लेख या कविता हो सकता है, जो ‘अनिकेत’ में प्रकाशित हुआ हो। वह खबर भी हो सकती है, जिसने समाज में बदलाव की शुरुआत की हो।

‘अनिकेत’ की यात्रा को प्रभावित करने वाले किसी व्यक्ति या घटना की स्मृति भी साझा की जा सकती है।

ऐसी कोई स्मृति भी भेजी जा सकती है, जिसे याद कर आज भी चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।

विशेष स्मारिका में प्रकाशित होंगी यादें

‘अनिकेत’ के 50वें वर्ष के अवसर पर विशेष स्मारिका प्रकाशित की जाएगी।

इसमें ‘अनिकेत’ से जुड़ी यादों और संस्मरणों को स्थान दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को ‘अनिकेत’ की ऐतिहासिक यात्रा से परिचित कराना है।

आप अपनी यादें या संस्मरण लिखकर, टाइप करके या वीडियो के माध्यम से भेज सकते हैं।

आइए, ‘अनिकेत’ के 50 वर्षों की कहानी को मिलकर पूरा करें और इस स्वर्णिम यात्रा का हिस्सा बनें।

https://regionalreporter.in/neeraj-chopra-out-asian-games-2026-ankle-injury/
https://youtu.be/mkxRWaVVmdU?si=esKIYAvm8_3USZl-
Website |  + posts

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *