पिथौरागढ़ के पूर्व जिलाधिकारी और उत्तराखंड सरकार में सचिव रहे आईएएस अधिकारी हरिचंद्र सेमवाल को
उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग का सदस्य मनोनीत किया गया है।
हरिचंद्र सेमवाल के मनोनयन से सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के सामाजिक संगठनों में भी खुशी है।
कई सामाजिक संगठनों ने उनसे प्रदेश में मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।
डीडीहाट से शुरू की थी प्रशासनिक सेवा
हरिचंद्र सेमवाल ने अपनी राजकीय सेवा की शुरुआत डीडीहाट में उप जिलाधिकारी के पद से की थी।
इसके बाद उन्होंने प्रशासन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।
वह पिथौरागढ़ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर भी रहे। इसके अलावा उन्होंने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दो बार संभाली।
जनता के बीच रही अलग पहचान
प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान आम जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने के लिए उनकी पहचान रही।
जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके निस्तारण की पहल के चलते वह जनता के बीच लोकप्रिय रहे।
अब उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग के सदस्य के रूप में उनके सामने प्रदेश में मानवाधिकारों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।
पिथौरागढ़ के सामाजिक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ मानवाधिकारों से जुड़े मामलों के निस्तारण में मिलेगा।
संगठनों ने उनसे आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी पहल की अपेक्षा की है।














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