दिल्ली की महिला यात्री की मौत, चारधाम यात्रा कुछ देर रोकी गई
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार देर शाम बड़ा हादसा हो गया।
चमोली जिले के पीपलकोठी के समीप भनेरपानी क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से
भारी मलबा और बोल्डर गिरने से बदरीनाथ धाम जा रही एक यात्री बस उसकी चपेट में आ गई।
हादसे में दिल्ली निवासी एक महिला यात्री की मौत हो गई, जबकि दो अन्य यात्री घायल हो गए।
घटना के बाद एहतियातन चारधाम यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था,
जिसे बाद में हालात सामान्य होने पर पुनः शुरू कर दिया गया।
चलती बस पर गिरा भारी पत्थर
जानकारी के अनुसार बस संख्या UK04 PA 0413 ऋषिकेश से बदरीनाथ धाम जा रही थी।
बस जब पीपलकोठी के पास भनेरपानी क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी पहाड़ी से अचानक भारी पत्थर और मलबा गिरने लगा।
एक बड़ा बोल्डर सीधे बस पर आ गिरा, जिससे बस क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार यात्री घायल हो गए।
दिल्ली की महिला ने उपचार के दौरान तोड़ा दम
हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई 26 वर्षीय रेनू किरोड़ीवाल निवासी दिल्ली को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
वहीं कानपुर निवासी पप्पू मिश्रा को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय गोपेश्वर रेफर किया गया है,
जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
दूसरी घायल तन्नू छेत्री निवासी गुरुग्राम को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
32 यात्री थे बस में सवार
बताया जा रहा है कि बस में करीब 32 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
क्या बोले चौकी इंचार्ज?
पीपलकोठी चौकी प्रभारी लक्ष्मीकांत बिजल्वाण ने बताया कि देर शाम भनेरपानी क्षेत्र में बस के ऊपर अचानक भारी पत्थर गिर गया था।
इस दुर्घटना में एक महिला यात्री की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए।
मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
बारिश के बीच बढ़ा खतरा
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है।
कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचना ही सुरक्षित विकल्प है।

















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