आशुतोष रांका बोले- सिर्फ सजा नहीं, रोकथाम के उपाय भी जरूरी
पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद से पारित संशोधित विधेयक पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार केवल दोषियों को सजा देने और जुर्माना लगाने तक सीमित न रहे,
बल्कि परीक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए ठोस सुधारात्मक कदम भी उठाए।
पेपर लीक रोकने पर सरकार चुप क्यों
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक वीडियो में कहा कि संसद में पारित विधेयक में
पेपर लीक होने के बाद की कार्रवाई पर तो विस्तार से चर्चा की गई है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट, कड़ी सजा और जुर्माना जरूरी हैं, लेकिन यदि परीक्षा प्रणाली की मूल समस्याओं को दूर नहीं किया गया तो पेपर लीक की घटनाएं जारी रहेंगी।
रांका ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
सीजेपी प्रवक्ता ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करते हुए सरकार के सामने पांच प्रमुख बिंदु रखे।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों के बिना पेपर लीक पर प्रभावी रोक संभव नहीं है।
- राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधार।
- परीक्षा कार्यक्रम और परीक्षा कैलेंडर में पारदर्शिता।
- पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना।
- कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा और प्रभावी निगरानी।
- पूरे परीक्षा तंत्र की डिजिटल जांच, ऑडिट और शुरू से अंत तक प्रक्रिया को मजबूत बनाना।
‘सिस्टम मजबूत किए बिना समाधान संभव नहीं’
आशुतोष रांका ने कहा कि केवल दोषियों को सजा देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि परीक्षा व्यवस्था के पूरे ढांचे की समीक्षा और सुधार आवश्यक है।
यदि भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनाया गया, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं होगा।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम की रणनीति पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए, ताकि छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास मजबूत हो सके।















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