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गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक गौरव

उत्तराखंड के लिए गर्व और खुशी का बड़ा अवसर सामने आया है।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की फीचर फिल्म श्रेणी में गढ़वाली फिल्म ‘ढोली’ को सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म के लिए प्रतिष्ठित रजत कमल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

पहली बार गढ़वाली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की पहचान मिलने से पूरे प्रदेश के फिल्म जगत में उत्साह का माहौल है।

इसे केवल एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकभाषा, लोकसंस्कृति और क्षेत्रीय सिनेमा की राष्ट्रीय स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर फिल्म के निर्देशक, निर्माता, कलाकारों

और पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई फिल्म नीति के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

उत्तराखंडी सिनेमा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है

और भविष्य में प्रदेश की संस्कृति, लोकभाषा तथा लोककला को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

‘ओपन स्टूडियो’ के रूप में उभर रहा है उत्तराखंड

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंसीधर तिवारी ने कहा कि यह उपलब्धि

राज्य के फिल्म उद्योग के लिए मील का पत्थर है।

उनके अनुसार राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से उत्तराखंड में फिल्म निर्माण को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, विविध भौगोलिक परिस्थितियों और आधुनिक सुविधाओं के कारण

उत्तराखंड तेजी से एक ‘ओपन स्टूडियो’ के रूप में विकसित हो रहा है।

परिषद अब और अधिक सक्रियता के साथ काम करेगी और देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड में शूटिंग तथा फिल्म निर्माण के लिए आमंत्रित करेगी।

क्षेत्रीय फिल्मों को मिलेगा नया मंच

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के उप निदेशक केएस चौहान ने कहा कि ‘ढोली’ की सफलता केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंडी सिनेमा की जीत है।

उन्होंने कहा कि इस सम्मान के बाद राज्य की क्षेत्रीय फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और स्थानीय कलाकारों, निर्देशकों तथा तकनीशियनों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से युवा फिल्मकारों का उत्साह बढ़ेगा और प्रदेश की लोकभाषाओं में गुणवत्तापूर्ण सिनेमा के निर्माण को नई दिशा मिलेगी।

‘ढोली’ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उत्तराखंड के सांस्कृतिक और फिल्मी इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में याद किया जाएगा।

https://regionalreporter.in/ankita-bhandari-case-nyay-yatra-sangharsh-manch-warning/
https://youtu.be/UVlHuYkotc4?si=K3dlMDrtXe5Xu3Z1
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