वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान
रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ क्षेत्र स्थित नारी सतेराखाल में नौज्युला मंदिर समिति के तत्वावधान में तृतीय केदार स्वरूप
भगवान श्री तुंगनाथ एवं मां चंडिका नारी देवी मंदिर परिसर में आयोजित 11 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति और वैदिक
विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अनुष्ठान में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कलश यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ
धार्मिक आयोजन का शुभारंभ भद्र निर्माण, विद्वान पुरोहितों के आगमन और भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
इसके बाद प्रतिदिन पंचांग पूजन, हवन, शिव महापुराण, श्रीमद् देवी भागवत महापुराण एवं श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा,
प्रवचन और नियमित आरती का आयोजन किया गया। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।
विशेष जल कलश यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
अनुष्ठान के दौरान 26 जून को विशेष जल कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज
से पहुंचे श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंतिम दिन पूर्णाहुति और श्री संवाद कार्यक्रम के साथ धार्मिक अनुष्ठान का
विधिवत समापन किया गया।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
धार्मिक आयोजन में रुद्रप्रयाग जनपद के अलावा उत्तराखंड और देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
श्रद्धालुओं ने भगवान श्री तुंगेश्वर महादेव एवं मां चंडिका नारी देवी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और
मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।

वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुए अनुष्ठान
पूरे धार्मिक अनुष्ठान का संचालन आचार्य रमेश चंद्र सेमवाल के निर्देशन में विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार
कराया गया। मंदिर समिति की देखरेख में सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए।
मंदिर समिति ने जताया आभार
मंदिर समिति के अध्यक्ष दीक्षराज रावत, संरक्षक जयकृत सिंह बिष्ट एवं संरक्षक सत्येन्द्र पाल सिंह बर्त्वाल ने सफल आयोजन के
लिए सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और समिति सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भगवान श्री तुंगेश्वर महादेव एवं मां
चंडिका नारी देवी से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
जनप्रतिनिधियों और समिति सदस्यों की रही उपस्थिति
समापन कार्यक्रम में मंदिर समिति के पदाधिकारियों, ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या
में स्थानीय श्रद्धालु और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे
धार्मिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की कामना की।














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