अर्जेंटीना ने 5-3 से हराया; 51 साल का इंतजार फिर बढ़ा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 वर्ल्ड कप जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया है।
सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ कम से कम दो गोल के अंतर से जीतना जरूरी था।
हालांकि, अर्जेंटीना ने शानदार शुरुआत करते हुए भारत को 5-3 से हरा दिया,
और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया।
अर्जेंटीना ने 40 सेकेंड में खोला खाता
वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना ने सिर्फ 40 सेकेंड में पहला गोल दागकर भारत को दबाव में डाल दिया।
जोक्विन तोस्कानी ने यह गोल किया, जबकि निकोलस डेला टोरे ने छठे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से दूसरा गोल कर दिया।
भारत की ओर से सुखजीत सिंह ने 10वें मिनट में फील्ड गोल करके स्कोर 2-1 कर दिया।
पहले क्वार्टर के बाद अर्जेंटीना 2-1 से आगे था, जबकि दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं।
तीसरे क्वार्टर में भारत की मुश्किल बढ़ी
तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने फिर आक्रामक खेल दिखाया और टॉमस डोमेने ने 33वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से गोल किया।
डोमेने ने 45वें मिनट में दोबारा गोल दागकर अर्जेंटीना की बढ़त 4-1 कर दी और भारत की वापसी बेहद मुश्किल कर दी।
चौथे क्वार्टर में तोस्कानी ने 53वें मिनट में अपना दूसरा गोल करते हुए अर्जेंटीना को 5-1 की बढ़त दिलाई।
इसके बाद भारत ने वापसी की कोशिश की और सुखजीत ने 58वें मिनट में दूसरा गोल दागकर अंतर कम किया।
हार्दिक सिंह ने अंतिम मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 5-3 किया,
लेकिन जीत के लिए यह पर्याप्त नहीं था।
कोच क्रेग फुल्टन ने मानी गलती
भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने मैच के बाद टीम की खराब शुरुआत को हार का बड़ा कारण बताया।
फुल्टन के मुताबिक, टीम ने शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और अर्जेंटीना ने उस दबाव का फायदा उठाकर बढ़त बना ली।
उन्होंने माना कि दूसरे क्वार्टर में भारत ने बेहतर खेल दिखाया, लेकिन तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने मुकाबले पर फिर नियंत्रण बना लिया।

भारत के लिए अब सेमीफाइनल का रास्ता बंद
भारत को नीदरलैंड्स के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में 3-1 से हार मिली थी,
जिसके बाद अर्जेंटीना के खिलाफ जीत जरूरी हो गई थी।
अर्जेंटीना के खिलाफ हार के बाद भारत पूल E में बिना अंक के चौथे स्थान पर रहा,
और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया।
हालांकि, भारत का टूर्नामेंट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अब टीम क्लासिफिकेशन मुकाबलों में खेलेगी।
पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद बदली थी तस्वीर
भारत ने दूसरे दौर में पहुंचने से पहले पाकिस्तान को 5-3 से हराकर शानदार अंदाज में अपना अभियान आगे बढ़ाया था।
इस जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और स्ट्राइकर अभिषेक ने दो-दो गोल किए थे, जबकि हार्दिक सिंह ने भी योगदान दिया था।
इसके बाद नीदरलैंड्स से हार और अर्जेंटीना के खिलाफ शिकस्त ने भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें खत्म कर दीं।
51 साल से वर्ल्ड कप ट्रॉफी का इंतजार
भारत ने पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप का अपना एकमात्र खिताब 1975 में कुआलालंपुर में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर जीता था।
इसके बाद भारत दोबारा वर्ल्ड कप के पोडियम पर नहीं पहुंच सका और 2026 में भी यह लंबा इंतजार खत्म नहीं हुआ।
भारत ने 1971 में कांस्य और 1973 में रजत पदक जीता था, लेकिन 1975 के बाद खिताबी सफलता दोबारा नहीं मिली।
अब तक क्या हुआ?
भारत ने पहले दौर में पाकिस्तान को हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी।
इसके बाद नीदरलैंड्स ने 3-1 से हराया।
सेमीफाइनल की उम्मीद बचाने के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ दो गोल के अंतर से जीत जरूरी थी,
लेकिन भारत 5-3 से हार गया।
इस हार के साथ भारत की सेमीफाइनल की उम्मीद खत्म हो गई, जबकि अर्जेंटीना ने अंतिम चार में जगह बना ली।















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