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सरोकारों से साक्षात्कार

आरक्षण को लेकर चिराग पासवान ने फिर साफ किया रुख, पुराना वीडियो शेयर कर बोले- ‘जब तक जिंदा हूं, संविधान-आरक्षण को खतरा नहीं’

पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर किया शेयर

आरक्षण को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान

का पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में है। चिराग पासवान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पुराने वीडियो को दोबारा शेयर

करते हुए संविधान और आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

PM मोदी की मौजूदगी वाले मंच से दिया था बयान

वीडियो में चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी वाले मंच से संविधान और आरक्षण को लेकर बात करते नजर आ

रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों को दोहराते हुए कहा था कि जब तक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं,

तब तक न संविधान को कोई खतरा है और न ही आरक्षण को कोई खतरा है।

रामविलास पासवान के संघर्षों का लिया संकल्प

चिराग पासवान ने अपने दिवंगत पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा था कि वह

उनके संघर्षों की कसम खाकर लोगों को विश्वास दिलाते हैं कि जब तक चिराग पासवान जीवित हैं, तब तक संविधान और

आरक्षण पर कोई खतरा नहीं आने देंगे। उन्होंने इसे लोगों से किया अपना वादा बताया था।

जंतर-मंतर पर आरक्षण को लेकर प्रदर्शन के बीच बयान फिर चर्चा में

चिराग पासवान का यह रुख ऐसे समय में फिर सामने आया है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर

विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी मौजूदा जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक आधार को प्राथमिकता

देने की मांग उठा रहे हैं।

चिराग बोले- आरक्षण संवैधानिक अधिकार, खैरात नहीं

हालिया बयान में भी चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी के मांग

करने मात्र से खत्म नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक आरक्षण संविधान से मिला अधिकार है और इसका उद्देश्य लंबे

समय से सामाजिक भेदभाव झेलने वाले समुदायों को मुख्यधारा में लाना है।

विरोध करने वालों से बातचीत के लिए सरकार तैयार

22 अगस्त को चिराग पासवान ने कहा था कि सरकार जंतर-मंतर पर आरक्षण का विरोध कर रहे लोगों से बातचीत के लिए

तैयार है, लेकिन इसके लिए प्रदर्शनकारियों को अपनी मांगें व्यवस्थित और स्पष्ट तरीके से सरकार के सामने रखनी होंगी।

पुराने बयान के साथ वर्तमान रुख भी चर्चा में

ऐसे में चिराग पासवान का पुराना वीडियो दोबारा सामने आना उनके वर्तमान रुख से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।

एक ओर वह पुराने वीडियो के जरिए संविधान और आरक्षण की सुरक्षा का भरोसा देते नजर आ रहे हैं, वहीं हालिया बयानों में

भी उन्होंने आरक्षण को संवैधानिक अधिकार बताते हुए इसके खिलाफ उठ रही मांगों पर बातचीत का रास्ता अपनाने की बात कही है।

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