लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, भक्तों से मिलने श्रीमंदिर से निकले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा
ओडिशा के पुरी में भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा आज भक्ति और उल्लास के साथ शुरू हो गई।
हिंदू धर्म के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल इस महापर्व में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं।
लगातार बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरा बड़दंडा (ग्रैंड रोड) जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा।
तीनों रथों पर विराजमान होंगे भगवान
परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान सुदर्शन को देवी सुभद्रा के दर्पदलन (देवदलन) रथ पर विराजमान किया जाएगा।
इसके बाद भगवान बलभद्र तलध्वज रथ पर और अंत में भगवान जगन्नाथ नंदीघोष रथ पर सवार होकर अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे।
पहंडी से शुरू हुई भव्य परंपरा
सुबह से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए।
घंटों, शंख, झांझ और हरिनाम संकीर्तन के बीच पारंपरिक पहंडी रस्म के तहत भगवानों को श्रीमंदिर से रथों तक लाया गया।
इस दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।
भक्तों का उमड़ा सैलाब
रथयात्रा के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं सहित लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़े।
कई श्रद्धालु भगवान कृष्ण, हनुमान, महादेव और अन्य पौराणिक स्वरूपों में भी नजर आए।
पूरा पुरी शहर आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्सव के रंग में रंगा दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रथयात्रा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत प्रतीक है।
उन्होंने भगवान जगन्नाथ से सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की तथा समाज में एकता और सेवा की भावना मजबूत होने की प्रार्थना की।
आज के प्रमुख कार्यक्रम
- मंगला आरती – सुबह 6:00 बजे
- मैलम एवं तडापलागी – 6:10 से 6:30 बजे
- रोषा होम – 6:30 बजे
- अबकाश (स्नान) – 7:00 बजे
- सूर्य पूजा – 7:10 बजे
- द्वारपाल पूजा – 7:30 बजे
- सकाल धूप (भोग) – 8:00 से 9:00 बजे
- रथ प्रतिष्ठा – 9:00 बजे
- पहंडी – 9:30 बजे
- मदनमोहन, भगवान राम और भगवान कृष्ण का रथों तक आगमन – 12:30 से 1:00 बजे
- श्रृंगार – 1:30 से 2:30 बजे
- छेरा पहंरा – 2:00 से 3:00 बजे
- रथ प्रस्थान की अंतिम तैयारियां – 3:00 से 4:00 बजे















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