झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो
गया। बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने पुरानी विधानसभा के पास बैरिकेडिंग
तोड़ते हुए नई विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच नोकझोंक भी हुई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वहीं, पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान 500
से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लेकर कैंप जेल भेजा गया है।
सरकार से वार्ता विफल होने के बाद विधानसभा घेराव
रविवार को सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई वार्ता विफल रहने के बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का
ऐलान किया था। इसके बाद सुबह से ही झारखंड के अलग-अलग हिस्सों के साथ बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से छात्र रांची पहुंचने लगे।
छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैरिकेड तोड़ विधानसभा की ओर बढ़े छात्र
सुबह से छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और पुरानी विधानसभा के आसपास जुटने लगे।
हाथों में तिरंगा लेकर छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया।
जगन्नाथपुर इलाके में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश की,
लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच नोकझोंक हुई।
बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
वाटर कैनन की बौछार के बीच कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़कर डांस करते भी नजर आए।
500 से ज्यादा छात्र हिरासत में
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग के साथ वाटर कैनन और टीयर गैस की व्यवस्था भी की गई थी।
प्रदर्शन के दौरान 500 से अधिक छात्रों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बसों के जरिए कैंप जेल ले जाया गया।
9 दिन से भूख हड़ताल पर थे देवेंद्र महतो
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी विधानसभा घेराव मार्च में शामिल हुए।
वह पिछले 9 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल पर थे।
विधानसभा घेराव से पहले उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर फैसला लेना होगा।
उन्होंने विधानसभा के आसपास कांटेदार तार लगाए जाने को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और
कहा कि इससे छात्रों में नाराजगी बढ़ी है।
प्रशासन ने कहा- शांति भंग करने वालों को रोका जाएगा
एसडीएम सौरभ कुमार ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति शांति व्यवस्था भंग
करने की कोशिश करेगा तो प्रशासन उसे रोकने के लिए कार्रवाई करेगा।
अनशनकारी छात्रों का मेडिकल चेकअप
विधानसभा घेराव के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का मेडिकल चेकअप भी कराया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक छात्रों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। लंबे समय से भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत में कुछ
गिरावट जरूर आई है, लेकिन तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने जैसी स्थिति नहीं बताई गई।
बीजेपी नेताओं ने भी किया प्रदर्शन
छात्रों की मांगों के समर्थन में बीजेपी के कई नेताओं और विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू, सीपी सिंह और नवीन जायसवाल समेत कई नेता समर्थकों के साथ धरने पर बैठे।
वहीं, मुख्यमंत्री आवास के घेराव को लेकर कुछ बीजेपी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में—
- JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच
- दोषियों के खिलाफ कार्रवाई
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
- परीक्षाओं से जुड़े विवादों का समाधान
- युवाओं को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग
शामिल हैं।
छात्र नेताओं ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस और सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।















Leave a Reply