15 वर्षों बाद निकली ऐतिहासिक पैदल यात्रा का मनसूना गांव में पुष्पवर्षा से भव्य स्वागत
कालीमाई पंचगांई समिति कालीमठ एवं बद्री केदार मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में
15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित भगवती कालीमाई की
ऐतिहासिक पैदल दिवारा यात्रा के मदमहेश्वर घाटी में प्रवेश करते ही पूरे क्षेत्र में
आस्था और भक्ति का अद्भुत वातावरण बन गया है।
यात्रा के मनसूना गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर देवी भगवती का भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया।
शुक्रवार को हुआ पंचांग पूजन
शुक्रवार को प्रकृति की सुरम्य वादियों में बसे बष्टी गांव में विद्वान आचार्यों द्वारा ब्रह्म बेला पर
पंचांग पूजन संपन्न कराया गया।
इस दौरान भगवती काली, मदमहेश्वर भगवान, जाखराजा सहित 33 कोटि देवी-देवताओं
का आवाहन कर विधिवत आरती उतारी गई।
ठीक नौ बजे दिवारा यात्रा गैड गांव के लिए रवाना हुई।
गैड में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के बाद डोली गडगू गांव की ओर प्रस्थान कर गई,
जहां ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
नगर भ्रमण और मनौतियां
दिवारा यात्रा ने गैड, गडगू और मनसूना गांवों के विभिन्न तोकों में नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं
की कुशलक्षेम पूछी और आशीर्वाद प्रदान किया।
श्रद्धालुओं ने लाल-पीले वस्त्र अर्पित कर मनौतियां मांगीं।
देर सायं यात्रा के मनसूना गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
आगे का कार्यक्रम
शनिवार को दिवारा यात्रा मनसूना और फापज गांवों का नगर भ्रमण कर रात्रि प्रवास
के लिए पाली सरूणा पहुंचेगी।
कालीमाई पंचगांई समिति कालीमठ के अध्यक्ष लखपत सिंह राणा ने बताया कि
मदमहेश्वर घाटी में यात्रा के आगमन से हर गांव में अभूतपूर्व उत्साह है।
वहीं महामंत्री सुरेशानंद गौड़ ने जानकारी दी कि रविवार को
दिवारा यात्रा मदमहेश्वर घाटी से विदा होकर ऊखीमठ क्षेत्र में प्रवेश करेगी।
इस अवसर पर भगवती देवशाली, योगेंद्र देवशाली, पंडित कालिका प्रसाद, पुजारी सतीश गौड़, हरीश गौड़, दिनेश गौड़, जयप्रकाश सेमवाल, ऋषिराम भट्ट, दिलवर असवाल, बलवीर राणा, राकेश राणा, मोहन सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, कुलदीप रावत, प्रबल सिंह राणा, महेंद्र सिंह राणा सहित बष्टी, गैड, गडगू और मनसूना गांवों के सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

















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