हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे के बाद कथित शुद्धिकरण हवन को लेकर उत्तराखंड में
सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार भाजपा पर हमलावर है। इसी कड़ी में रविवार को मंगलौर
में कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन के नेतृत्व में दलित समाज के लोगों के साथ एक बड़ी जनसभा आयोजित की गई।
जनसभा में कांग्रेस नेताओं ने कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे सामाजिक सौहार्द के
लिए चिंताजनक बताया। इस दौरान भाजपा की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी और राजनीतिक बयानबाजी हुई।
काजी निजामुद्दीन ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व में प्रदेश में सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में भी छुआछूत जैसे मामलों का सामने आना चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि दलित और मुस्लिम समाज इस तरह की घटनाओं को स्वीकार नहीं करेगा।
काजी निजामुद्दीन ने कार्यकर्ताओं से सामाजिक एकता और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए भाजपा के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
SIR को लेकर भी भाजपा पर निशाना
जनसभा में झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी भाजपा सरकार पर
सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर दलित और मुस्लिम समाज के लोगों को परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
2027 चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भरी हुंकार
जनसभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। नेताओं ने पार्टी
कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प भी लिया।
मंगलौर की इस जनसभा के जरिए कांग्रेस ने जहां शुद्धिकरण के मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला तेज किया,
वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की राजनीतिक सक्रियता का भी संदेश दिया।















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