जौनसार की बेटी ने अपने लंबे बाल कटवाकर भेजे, परिवार ने भी फैसले में दिया पूरा साथ
कभी मामी के छोटे बाल देखकर सौम्या के मन में एक छोटी-सी सोच आई थी।
पांच साल बाद वही सोच एक खूबसूरत पहल में बदल गई।
जौनसार के डागुरा गांव की रहने वाली सौम्या जोशी ने कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए अपने बाल दान किए हैं।
गढ़वाल विश्वविद्यालय में बीएससी लाइफ साइंस तृतीय वर्ष की छात्रा सौम्या ने यह फैसला किसी मजबूरी में नहीं,
बल्कि किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने की इच्छा से लिया।
करीब पांच साल पहले सौम्या ने अपनी मामी डॉ. संगीता बिजल्वाण जोशी को छोटे बालों में देखा था।
डॉ. संगीता टिहरी गढ़वाल के राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।

मामी के छोटे बाल देखकर मन में आया था विचार
सौम्या बताती हैं कि मामी को छोटे बालों में देखकर उनके मन में पहली बार यह विचार आया कि बाल सिर्फ खूबसूरती का हिस्सा नहीं हैं।
इन्हें किसी जरूरतमंद के लिए दान भी किया जा सकता है।
उन्हें यह बात भी प्रेरित करती थी कि महिलाएं छोटे बालों के साथ भी पूरे आत्मविश्वास से अपनी पहचान बना सकती हैं।
मामी की वह छोटी-सी पहल सौम्या के मन में लंबे समय तक बनी रही।
पांच साल बाद पूरा किया अपना संकल्प
दो दिन पहले सौम्या ने आखिरकार अपने उस विचार को हकीकत में बदल दिया।
उन्होंने अपने बाल कटवाकर कैंसर मरीजों के लिए दान कर दिए।
सौम्या ने अपने बाल हैदराबाद की एक हेयर डोनेशन संस्था को भेजे हैं। यह संस्था कैंसर मरीजों के लिए बाल उपलब्ध कराने का काम करती है।

परिवार ने कहा- हमें बेटी पर गर्व है
सौम्या के इस फैसले में उनके परिवार ने भी पूरा साथ दिया।
उनकी मां, पिता और भाई-बहनों ने उन्हें प्रोत्साहित किया और इस पहल के लिए उनका हौसला बढ़ाया।
सौम्या की कहानी में खास बात यही है कि पांच साल पहले मिली एक छोटी-सी प्रेरणा आज किसी और के लिए उम्मीद बन गई है।
उनके लिए बालों की लंबाई कम होना मायने नहीं रखता, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर लौटने वाली मुस्कान ज्यादा मायने रखती है।














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