सतपुली में पंकज आत्महत्या प्रकरण को लेकर उबाल, विभिन्न संगठनों ने पुलिस-सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
रैतपुर गांव निवासी पंकज आत्महत्या प्रकरण को लेकर शुक्रवार को सतपुली में विभिन्न राजनीतिक और
सामाजिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ
नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया तथा मुख्य बाजार में जुलूस निकालकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ
सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
जनसभा में सरकार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बस अड्डे के निकट राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण में आयोजित जनसभा में पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने मामले को बेहद
संवेदनशील बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के युवक को पुलिस प्रताड़ना
ने आत्महत्या के लिए मजबूर किया, लेकिन अब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
आरोपी थानाध्यक्ष समेत पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, केंद्रीय कमेटी सदस्य कैलाश पांडे,
माकपा के राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेम बहुखंडी समेत अन्य वक्ताओं ने आरोपी थानाध्यक्ष
और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में
लगातार पुलिस के दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आ रही हैं।
मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी रेखा आर्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में पुलिसकर्मियों पर
आत्महत्या के लिए उकसाने, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिजनों को एक करोड़
रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई।
मृतक के परिजनों से मिले प्रदर्शनकारी
जनसभा के बाद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि रैतपुर गांव पहुंचे और मृतक पंकज के परिजनों से मुलाकात कर
उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
















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