रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड फिल्म विकास काउंसिल के सहयोग से हैम्प्स संस्था द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘फिल्म मंथन
उत्तराखण्ड 2026′ का शुभारंभ सोमवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन
रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने दीप प्रज्वलित कर किया। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष राजेन्द्र
प्रसाद गोस्वामी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
निहारिका तोमर ने बताई उत्तराखण्ड में सिनेमा की संभावनाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि उत्तराखण्ड में विश्वस्तरीय सिनेमा बनाने की
अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यहां की लोककथाएं, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य फिल्म निर्माण के लिए
बेहतरीन आधार प्रदान करते हैं। यदि युवा इन विषयों पर गंभीरता से कार्य करें तो उत्तराखण्ड देश का प्रमुख फिल्म डेस्टिनेशन
बन सकता है।
उन्होंने बताया कि वह किसी भी फिल्म को उसकी कहानी के साथ-साथ सिनेमेटोग्राफी और तकनीकी गुणवत्ता के आधार पर
भी देखती हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त भोटिया भाषा की लघु फिल्म ‘पाताल ती’ की विशेष सराहना की।
पहले दिन दिखाई गईं कई चर्चित फिल्में
फिल्म महोत्सव के पहले दिन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता लघु फिल्म ‘पाताल ती’, राहुल रावत द्वारा निर्मित गढ़वाली फिल्म
‘सुनपट’, जापानी फिल्म ‘द ब्लैक हेयर’, ‘फॉक्स वेडिंग’, ‘होइची-द इयरलेस’ तथा वरिष्ठ रंगकर्मी शिरीष डोभाल की वर्ष
1987 की नंदा देवी राजजात पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों को करीब 173 दर्शकों ने देखा।
दर्शकों ने फिल्म निर्माण पर पूछे सवाल
फिल्म प्रदर्शन के बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और दर्शकों ने फिल्म निर्माण, सिनेमेटोग्राफी और
समाज पर फिल्मों के प्रभाव को लेकर सवाल पूछे। साहित्य के छात्र कार्तिक अग्रवाल ने तेज गति और धीमी गति की फिल्मों के
अंतर पर प्रश्न किया। इस पर निर्देशक संतोष रावत ने कहा कि जो समाज प्रकृति के अधिक करीब होता है, उसकी कहानियों
और फिल्मों में स्वाभाविक रूप से ठहराव दिखाई देता है।

उत्तराखण्ड के फिल्म उद्योग को लेकर जताई चिंता
राष्ट्रीय नाट्य अकादमी से सम्मानित रंगकर्मी डॉ. राकेश भट्ट और वरिष्ठ रंगकर्मी शिरीष डोभाल ने उत्तराखण्ड में बनने वाली
फिल्मों की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा और संस्कृति के नाम पर बेहतर गुणवत्ता का
सिनेमा तैयार करने की आवश्यकता है। साथ ही युवाओं को FTII जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाने और सरकार से
आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की भी मांग की।
कलाकारों और रंगकर्मियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान हैम्प्स संस्था ने निर्देशक संतोष रावत, अभिनेता आयुष रावत, सिनेमेटोग्राफर बिट्टू रावत, वरिष्ठ रंगकर्मी
डॉ. राकेश भट्ट, साहित्यकार ओमप्रकाश सेमवाल और अन्य कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का
संचालन स्नेहा राणा ने किया।
















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