6 छात्रों का रेस्क्यू
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
पहाड़ों में जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बाधित हो रही हैं, जबकि नदी-नाले उफान पर हैं।
इस बीच ऋषिकेश की बीन नदी में एक मैक्स वाहन तेज बहाव की चपेट में आकर पलट गया।
वाहन में फंसे दो लोगों को SDRF की टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला।
वहीं देहरादून के थान गांव स्थित स्वारना नदी क्षेत्र में अचानक जलस्तर बढ़ने से ट्रैकिंग के लिए गए UPES के छह छात्र जंगल में फंस गए।
SDRF की टीम ने करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर सभी छात्रों को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

बीन नदी में पलटा मैक्स वाहन, दो लोगों की बची जान
पुलिस चौकी पशुलोक बैराज से रात करीब 9:22 बजे सूचना मिली कि बीन नदी में एक मैक्स वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया है और उसमें लोग फंसे हुए हैं।
सूचना मिलते ही ढालवाला पोस्ट से अपर उप निरीक्षक महावीर चौहान के नेतृत्व में SDRF की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
घटनास्थल पर पहुंचकर SDRF जवानों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू किया।
तेज बहाव के बीच टीम ने पहले एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि दूसरा व्यक्ति वाहन के भीतर फंसा हुआ था।
नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था और तेज बहाव के कारण वाहन भी अपनी जगह से खिसककर कुछ दूरी तक बह गया।
स्थिति को देखते हुए SDRF की अतिरिक्त टीम को मौके पर बुलाया गया।
निरीक्षक कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में पहुंची दूसरी टीम ने पहली टीम के साथ समन्वय बनाकर रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ाया।
कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे दूसरे व्यक्ति को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू के बाद दोनों लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
उफनती नदी में वाहन उतारना पड़ा भारी
SDRF इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण के अनुसार, मैक्स वाहन हरिद्वार की ओर से ऋषिकेश आ रहा था।
चालक ने उफनती बीन नदी में वाहन उतार दिया, जिसके बाद तेज बहाव की चपेट में आकर वाहन पलट गया।
रात के अंधेरे, तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच SDRF की दोनों टीमों ने अभियान चलाकर दोनों लोगों की जान बचाई।

कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर भारी भूस्खलन
चमोली जिले में भी लगातार बारिश के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
ज्योतिर्मठ ब्लॉक के पंचकेदारों में शामिल कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर देर रात भारी भूस्खलन हुआ।
पहाड़ी से कई टन मलबा गिरने के कारण मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में मलबा पहुंच गया।
मंदिर परिसर को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
हालांकि राहत की बात यह है कि भूस्खलन की घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
घटना की जानकारी तहसील प्रशासन जोशीमठ को दे दी गई है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने प्रशासन की टीम को मौके पर भेजने और नुकसान का आकलन कराने की बात कही है।
गैरसैंण में बारिश से गौशाला ध्वस्त
विकासखंड गैरसैंण के कुनीगाड़ क्षेत्र के कल्याणा मल्ला गांव में भी मूसलाधार बारिश के कारण एक गौशाला ध्वस्त हो गई।
गौशाला मालिक रतन सिंह ने बारिश की आशंका को देखते हुए पहले ही अपने मवेशियों को दूसरी जगह बांध दिया था। इससे मवेशियों की जान बच गई।
पौड़ी-देवप्रयाग मार्ग पर भारी मलबा, यातायात प्रभावित
पौड़ी में भी देर रात से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया।
पौड़ी-देवप्रयाग मोटरमार्ग पर सौड़ के पास पहाड़ी से भारी मलबा और पेड़ सड़क पर आ गए।
मलबा आने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की मशीन मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
हालांकि बड़ी मात्रा में पत्थर, मलबा और पेड़ आने के कारण मार्ग खोलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस टीम भी मौके पर मौजूद रही और यातायात व्यवस्था संभाली।

स्वारना नदी में फंसे UPES के छह छात्र
देहरादून के थान गांव स्थित मिसरास पट्टी क्षेत्र में 17 अगस्त को UPES के छह छात्र स्वारना नदी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए पहुंचे थे।
ट्रैकिंग पूरी करने के बाद छात्र वापस लौट रहे थे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।
लगातार बारिश के कारण स्वारना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया।
नदी का बहाव बढ़ने से छात्रों के लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया और वे जंगल में फंस गए।
सूचना मिलते ही SDRF डाकपत्थर की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
दुर्गम रास्तों और खराब मौसम के बीच जवानों ने करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर छात्रों तक पहुंच बनाई।
सभी छह छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालकर जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सभी छात्रों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
SDRF की अपील, बारिश में नदी-नालों से रहें दूर
बारिश के मौसम में नदी, नालों और गदेरों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
SDRF ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
साथ ही ट्रैकिंग या पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम का पूर्वानुमान देखने और मौसम खराब होने पर यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों में मौसम तेजी से बदलता है, ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी
उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें प्रभावित हुई हैं।
प्रशासन और आपदा राहत दल संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश के बीच ऋषिकेश में मैक्स वाहन में फंसे दो लोगों और देहरादून में स्वारना नदी के पास फंसे छह छात्रों का SDRF द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू बड़ी राहत की खबर है।
वहीं चमोली और पौड़ी में भूस्खलन और मलबे की घटनाओं ने पहाड़ों में लगातार बढ़ते खतरे की चिंता बढ़ा दी है।















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