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23 क्विंटल नकली पनीर जब्त, 5 आरोपी गिरफ्तार

उत्तराखंड पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 23 क्विंटल नकली पनीर जब्त किया गया है जिसे यात्रा मार्गों पर सप्लाई किया जाना था।

जांच में सामने आया कि यह नकली पनीर सहारनपुर के एक अवैध डेयरी प्लांट में तैयार किया जा रहा था और इसे सेलाकुई, विकासनगर होते हुए देहरादून और चारधाम यात्रा मार्गों तक पहुंचाया जा रहा था।

नकली पनीर में स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), फॉर्मलीन और अन्य हानिकारक रसायनों का प्रयोग किया जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, ये रसायन कैंसर, पेट के संक्रमण, और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई

देहरादून के रायपुर थाने की पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलकर एक गोदाम से 720 किलो नकली पनीर बरामद किया। साथ ही सहारनपुर में छापेमारी कर 1600 किलो नकली पनीर को भी जब्त किया गया।

इस पूरे मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें प्रमुख रूप से मनोज कुमार, शाहरूख, नरेंद्र सिंह, अब्दुल मन्नान और आरिफ शामिल हैं।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि ये आरोपी काफी समय से इस अवैध धंधे में लिप्त थे और उन्होंने विशेष रूप से चारधाम यात्रा के लिए नकली पनीर का उत्पादन बढ़ा दिया था। एक फैक्ट्री जंगलों के बीच बनाई गई थी ताकि इसकी भनक प्रशासन को न लगे।

चारधाम यात्रियों पर असर

चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालु कई दिनों तक भोजनालयों और ढाबों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नकली और ज़हरीले पनीर का उपयोग उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। विशेषकर बुजुर्गों और बीमार यात्रियों की सेहत पर इसका घातक प्रभाव पड़ सकता था।

खाद्य सुरक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, और ऐसे मामलों में दोषियों को सख्त से सख्त सज़ा दी जाएगी।

उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं संदिग्ध खाद्य उत्पाद या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें। साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और लगातार सैंपलिंग की जा रही है।

स्किम्ड मिल्क पाउडर, फॉर्मलीन और सेहत पर खतरनाक असर

उत्तराखंड में नकली पनीर के भंडाफोड़ के बाद यह बात सामने आई कि इसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP), फॉर्मलीन और अन्य हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।

स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP) और उसका दुरुपयोग

स्किम्ड मिल्क पाउडर आमतौर पर वसा रहित दूध को सुखाकर बनाया जाता है और यह व्यावसायिक रूप से कई डेयरी उत्पादों में उपयोग होता है। लेकिन जब इसका अत्यधिक या गलत अनुपात में प्रयोग नकली पनीर बनाने में किया जाता है, तो यह पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। यह पनीर दिखने में तो असली जैसा होता है, लेकिन इसमें प्रोटीन की गुणवत्ता कम होती है और यह जल्दी खराब हो सकता है।

फॉर्मलीन: एक खतरनाक संरक्षक

फॉर्मलीन, जिसे रासायनिक रूप में फॉर्मल्डिहाइड कहा जाता है, एक रंगहीन लेकिन तीव्र गंध वाला रसायन है जिसे शवों को सुरक्षित रखने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे खाद्य उत्पादों में मिलाना कानूनन प्रतिबंधित है। लेकिन नकली पनीर बनाने वाले इसे पनीर को लंबे समय तक ताज़ा दिखाने के लिए मिलाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, फॉर्मलीन का सेवन करने से:

  • कैंसर (विशेषकर गले और पेट का)
  • लीवर और किडनी फेलियर
  • गंभीर एलर्जी और त्वचा रोग
  • सिरदर्द, उल्टी और दस्त

इसके अतिरिक्त, कई बार पनीर को सफेद और चमकदार दिखाने के लिए कास्टिक सोडा, स्टार्च, हाइड्रोजन पेरॉक्साइड जैसे रसायनों का भी प्रयोग किया जाता है। ये रसायन

  • शरीर में एसिड-बेस संतुलन को बिगाड़ सकते हैं
  • पेट की आंतों को क्षति पहुंचा सकते हैं
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अत्यधिक घातक हो सकते हैं

उपभोक्ता के लिए चेतावनी

  • पनीर की बू पर ध्यान दें—अगर उसमें केमिकल की गंध है तो वह नकली हो सकता है
  • पनीर को गर्म पानी में डालने पर अगर वह जल्दी घुलने या टूटने लगे, तो वह असली नहीं
  • ब्रांडेड और प्रमाणित दुकानों से ही पनीर खरीदें
  • खुले में बिकने वाले पनीर से बचें
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