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आज भी सारे जहाँ से अच्छा दिखता है भारत: शुभांशु शुक्ला

भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अपना अंतिम संदेश भेजते हुए न सिर्फ भारत को भावनात्मक श्रद्धांजलि दी, बल्कि करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा,

“आज का भारत स्पेस से महत्वाकांक्षी, निडर, आत्मविश्वासी और गर्व से भरा हुआ दिखता है। आज भी भारत सारे जहाँ से अच्छा दिखता है।”
उनका यह संदेश Axiom Space के Ax-4 मिशन की विदाई से ठीक पहले रविवार, 13 जुलाई को दिया। यह पल बेहद ऐतिहासिक था क्योंकि 41 साल पहले राकेश शर्मा ने पहली बार यही शब्द कहे थे।

उन्होंने आगे कहा कि, “इस पूरी यात्रा ने मुझे यह सिखाया है कि जब हम सब मिलकर किसी लक्ष्य के लिए मेहनत करते हैं, तो कुछ भी असंभव नहीं होता।”

जानें क्या है Ax-4 मिशन

Axiom-4 (Ax-4) मिशन, Axiom Space और NASA का एक संयुक्त मानव अंतरिक्ष मिशन है। इसमें चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे:

  • पेगी व्हिटसन (कमांडर, अमेरिका)
  • शुभांशु शुक्ला (मिशन पायलट, भारत)
  • तिबोर कापू (हंगरी)
  • स्लावोस्ज उजनांस्की (पोलैंड)

यह मिशन 25 जून को लॉन्च हुआ था और 26 जून को ISS से जुड़ा। इसने 18 दिनों तक विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों, तकनीकी परीक्षणों और शिक्षा से जुड़े अभियानों को पूरा किया।

मिशन के दौरान किए गए कहीं प्रयोग

इस मिशन के दौरान लगभग 60 वैज्ञानिक और तकनीकी प्रयोग किए गए, जिनमें शामिल थे:

  • माइक्रोग्रैविटी में बीज अंकुरण (मूंग व मेथी)
  • मानव स्वास्थ्य, मांसपेशी प्रभाव और ग्लूकोज पर अध्ययन
  • नैनोमैटेरियल और स्मार्ट कपड़ों की टेस्टिंग
  • ISRO के आगामी मिशन गगनयान के लिए उपयोगी डेटा संग्रह

विदाई के भावुक पल

13 जुलाई को Axiom-4 मिशन के सभी सदस्य ISS से विदा हो गए हैं। विदाई समारोह में शुभांशु ने कहा कि: “कमाल की यात्रा रही है ये मेरी… लेकिन आपकी और मेरी यात्रा अभी लंबी है। अगर हम ठान लें, तो तारे भी हासिल किए जा सकते हैं।”

उनके इस बयान को Axiom Space और NASA के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया, जिसे लाखों लोगों ने सराहा।

कब लौटेंगे धरती पर

Axiom-4 मिशन की अंडॉकिंग 14 जुलाई को हुई और अब यह मिशन 15 जुलाई को अमेरिका के कैलिफोर्निया तट पर लैंड करेगा। लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों की स्वास्थ्य जांच, डेब्रीफिंग और रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

शुभांशु शुक्ला ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत अब अंतरिक्ष के क्षेत्र में पीछे नहीं है। उनका यह मिशन भारत के निजी और सरकारी अंतरिक्ष कार्यक्रमों को नई दिशा देगा। देशभर में युवा इस मिशन को देखकर प्रेरित कर रहे हैं।

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लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.

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