सड़कों पर बिछी सफेद चादर
देर रात ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित
पहाड़ों की रानी मसूरी में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट बदल ली है।
देर रात हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के बाद मसूरी की सड़कों और खुले इलाकों में सफेद चादर बिछ गई।
कई जगहों पर नज़ारा ऐसा था कि लोग पलभर के लिए इसे बर्फबारी समझ बैठे। अचानक बदले मौसम ने जहां ठंड बढ़ा दी, वहीं मसूरी की वादियों को बेहद खूबसूरत बना दिया।
बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड
देर रात शुरू हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि के चलते मसूरी में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
ठंड बढ़ने से स्थानीय लोग और पर्यटक फिर से अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए।
सुबह होते ही कई इलाकों में लोग ओलों को हाथ में लेकर फोटो और वीडियो बनाते दिखे और इस अनोखे नज़ारे का जमकर आनंद लिया।
बदलते मौसम को लेकर प्रशासन अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
इसे देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।
खासतौर पर पहाड़ी मार्गों, यातायात व्यवस्था और पर्यटक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पर्यटकों की भीड़ बढ़ी तो हो सकता है ट्रैफिक डायवर्जन
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि मौसम खराब होने के बीच पर्यटकों की संख्या बढ़ती है, तो ट्रैफिक डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा सकती है।
पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और अनावश्यक जोखिम न उठाएं।
23 जनवरी की बर्फबारी से पहले ही बढ़ चुका है दबाव
गौरतलब है कि 23 जनवरी को हुई बर्फबारी के दौरान मसूरी में भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे, जिससे शहर में जाम जैसी स्थिति बन गई थी।
प्रशासन को यातायात सुचारू रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
पिथौरागढ़ में भारी बर्फबारी, सीमांत गांवों में आवाजाही ठप
सीमांत जिला पिथौरागढ़ में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी के चलते धारचूला से आदि कैलाश
जाने वाली सड़क पर ढाई फुट से अधिक बर्फ जम गई है।
चीन सीमा से सटे अंतिम गांव कुटी से आगे आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है।
व्यास और दारमा घाटी के गांव बर्फ से ढके
व्यास घाटी के बूंदी, गर्त्यांग, गुंजी, नपलच्यू, रांगकांग, नाबी और कुटी गांव बर्फ से लकदक हैं।
कुटी गांव, जो 12,303 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, वहां लगभग डेढ़ फुट बर्फ जमा होने की पुष्टि हुई है।
पंचाचूली शिखर दर्शन कर लौटे पर्यटक
होम स्टे संचालक संजय जंग और गुड्डू जंग ने बताया कि सड़क खुली होने के कारण दिल्ली, यूपी,
हिमाचल प्रदेश समेत विभिन्न क्षेत्रों से करीब 40 से अधिक पर्यटक पंचाचूली शिखर दर्शन कर लौटे हैं।
पर्यटकों ने दारमा घाटी की प्राकृतिक सुंदरता की जमकर सराहना की।
सड़क बनने से बढ़ा शीतकालीन पर्यटन
सड़क सुविधा मिलने के बाद दारमा और व्यास घाटियों में शीतकाल में भी आवाजाही संभव हो पाई है।
ग्रामीणों द्वारा बनाए गए होम स्टे से पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, हालांकि अधिक बर्फबारी की स्थिति में मार्गों पर अस्थायी ग्लेशियर बनने से आवागमन बाधित हो सकता है।
होम स्टे संचालक खुश, लेकिन चुनौतियां बरकरार
होम स्टे संचालकों का कहना है कि सर्दियों में पर्यटन बढ़ने से रोजगार के अवसर तो बढ़े हैं, लेकिन माइनस तापमान में यात्रियों के रहने और खाने की व्यवस्था करना आसान नहीं होता।
बर्फबारी के चलते पिथौरागढ़ में स्कूल बंद
मुनस्यारी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम फिर बर्फबारी होने से कई मार्ग बंद हो गए हैं।
मौसम विभाग के हाई अलर्ट के बाद जिलाधिकारी ने कक्षा 12 तक सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
















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