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संसद के बजट सत्र का औपचारिक आगाज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया संयुक्त संबोधन

संसद के बजट सत्र का बुधवार को औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त संबोधन से हुई।

सुबह 11 बजे दिए गए अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों, आर्थिक प्रगति और विभिन्न क्षेत्रों में बीते वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित किया।

इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस और जीएसटी सुधारों पर जोर

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। सड़कों, रेलवे और बंदरगाहों के विकास से आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।

उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश स्पेस टेक्नोलॉजी में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जीएसटी सुधारों से कर प्रणाली सरल हुई है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी

राष्ट्रपति ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में उल्लेखनीय विकास हुआ है। सरकार ने चार नई सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही शिपिंग सेक्टर के लिए 70 हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक पैकेज की घोषणा की गई है।

स्टार्टअप, रोजगार और कौशल विकास

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने बताया कि देश में करीब दो लाख पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से लाखों युवाओं को नौकरी मिली है।

वहीं 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक योजनाएं

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार दलितों, गरीबों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत बीते एक वर्ष में सात लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

सेना के शौर्य की सराहना

राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सशस्त्र बलों को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

बजट और आर्थिक सर्वेक्षण की तैयारी

बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। इसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।

यह बजट ऐसे समय में आएगा, जब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं।

आम जनता और उद्योग को बजट से उम्मीदें

आम बजट 2026 से रक्षा, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्यात, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, रियल एस्टेट और कर व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

टैक्सपेयर्स आयकर नियमों को और सरल बनाने तथा विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने की अपेक्षा कर रहे हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण की भूमिका

आर्थिक सर्वेक्षण देश की अर्थव्यवस्था की सालाना स्थिति को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसमें आर्थिक प्रदर्शन, विकास दर, महंगाई, रोजगार, व्यापार और वित्तीय क्षेत्र की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है। बजट की नीतिगत दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है।

बजट सत्र की प्रमुख तिथियां

  • 28 जनवरी 2026: बजट सत्र की शुरुआत
  • 31 जनवरी 2026: आर्थिक सर्वेक्षण पेश
  • 1 फरवरी 2026: केंद्रीय बजट 2026
  • 13 फरवरी 2026: पहले चरण का समापन
  • 9 मार्च 2026: दूसरे चरण की शुरुआत
  • 2 अप्रैल 2026: बजट सत्र का समापन
  • 31 जनवरी को सर्वदलीय बैठक

बजट सत्र से पहले 31 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक का उद्देश्य संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और विभिन्न दलों के बीच सहमति बनाना है।

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