गंगा की गुणवत्ता, नमामि गंगे योजना, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सदन से सड़क तक गरमाई सियासत
सड़क पर कांग्रेस का विधानसभा कूच
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में
राजनीतिक माहौल काफी गरम रहा।
सदन में पेश हुई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा।
कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने नमामि गंगे योजना और गंगा के पानी की गुणवत्ता
को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर विधानसभा कूच किया, जिसे पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया।
CAG रिपोर्ट पर सरकार को घेरा
बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में CAG रिपोर्ट पेश होने के बाद कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि
यह रिपोर्ट उत्तराखंड में गंगा की स्थिति और नमामि गंगे योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
निजामुद्दीन ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की कई प्रयोगशालाएं मानकों के अनुरूप नहीं हैं
और कुछ को मान्यता भी प्राप्त नहीं है।
इससे गंगा के पानी की गुणवत्ता की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में हरिद्वार में गंगा का पानी ‘बी’ श्रेणी का पाया गया है, जो सीधे पीने योग्य नहीं माना जाता।
ऐसे में करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी गंगा की स्थिति चिंताजनक है।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर भी सवाल
काजी निजामुद्दीन ने बताया कि CAG रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP)
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के मानकों के अनुरूप नहीं हैं।
रिपोर्ट में 18 एसटीपी की कमी बताई गई है और कई एसटीपी बंद पड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं।
निजामुद्दीन ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर गंगा जल लोगों को शुद्ध रूप में नहीं मिल पा रहा है, तो सरकार को बताना चाहिए कि आखिर वह कर क्या रही है।
सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ज्यादा अन्य विवादित विषयों में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि गंगा करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र है और उसकी स्थिति खराब होना बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सदन और जनता के सामने इस मुद्दे पर जवाब देना होगा।
कांग्रेस का विधानसभा कूच, पुलिस ने रोका
विधानसभा के भीतर चल रही बहस के साथ ही सड़कों पर भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली।
कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था।
जैसे ही कार्यकर्ता भराड़ीसैंण की ओर बढ़े, पुलिस ने करीब 5 किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
कड़ाके की ठंड और पानी की बौछारों के बावजूद कार्यकर्ता सड़क पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
हरक सिंह रावत का सरकार पर हमला
प्रदर्शन में शामिल पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि भाजपा सरकार
विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सरकार को जवाब देगी।
इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। इनमें प्रमुख रूप से-
- प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था
- बेरोजगारी
- भर्ती घोटाले
- अंकिता भंडारी हत्याकांड
- मानव-वन्यजीव संघर्ष
- महंगाई और भ्रष्टाचार
इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा घेराव का बड़ा ऐलान किया था।
सदन में भी दिनभर रही हलचल
मंगलवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान आर्थिक सर्वेक्षण और CAG रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई। इसके अलावा 11 अध्यादेश भी सदन में पेश किए गए।
सत्र के दौरान 11 विधेयक भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें सबसे प्रमुख देवभूमि परिवार विधेयक-2026 रहा।
देवभूमि परिवार विधेयक क्या है
इस विधेयक के तहत राज्य में एक एकीकृत और सत्यापित परिवार आधारित डेटाबेस बनाया जाएगा।
इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी डेटा को एक मंच पर लाना है,
ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंच सके।
इस प्रणाली में परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य को परिवार का मुखिया माना जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह विधेयक सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा,
और इससे सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
सदन में हंगामा और स्थगन
सत्र के दौरान कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी। कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने धारचूला ब्लॉक प्रमुख से जुड़े मुद्दे
को उठाते हुए अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया।
इस पर सदन में तीखी बहस हुई और हंगामे के कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सड़क, पंचायत और वन्यजीव संघर्ष पर भी चर्चा
सदन में विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल-जवाब हुए।
- पीडब्ल्यूडी मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि प्रदेश में 7 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें गड्डामुक्त की गई हैं।
- उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया है।
- वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि वर्ष 2000 से जनवरी 2026 तक मानव-वन्यजीव संघर्ष में 1,296 लोगों की मौत और 6,624 लोग घायल हुए हैं।
बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही
दिनभर की चर्चा और हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही 11 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
अब बुधवार को सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।
















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