जब सायरन की गूंज से सहम गया जनपद,
जानें क्या है पूरा माजरा!
पौड़ी गढ़वाल: अगर आप आज पौड़ी, कोटद्वार या धुमाकोट की सड़कों पर रेस्क्यू टीमों की आपाधापी देखकर घबरा गए थे, तो चैन की सांस लीजिए। यह वास्तव में कोई आपदा नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने की एक महा-तैयारी थी। एसएसपी सर्वेश पंवार के नेतृत्व में आज जनपद पुलिस, SDRF, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर एक वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया।

इस अभ्यास के दौरान बाढ़, भीषण सड़क दुर्घटना और आगामी ‘फायर सीजन’ (वनाग्नि) जैसी काल्पनिक स्थितियां पैदा की गईं। ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि अगर अचानक कोई बड़ी आपदा आती है, तो हमारी टीमें कितनी सेकंड में रिस्पॉन्स करती हैं। अभ्यास में घायलों को मलबे से निकालने, प्राथमिक चिकित्सा देने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का चरणबद्ध प्रदर्शन किया गया।
विशेष रूप से वनाग्नि को रोकने के लिए फायर लाइन निर्माण और जल स्रोतों की मैपिंग पर जोर दिया गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि इस ड्रिल का मकसद विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना और रिस्पॉन्स टाइम को शून्य तक लाना है, ताकि असल आपात स्थिति में एक भी जान न जाए।




















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