‘मोहम्मद दीपक’ केस और 800 करोड़ LUCC घोटाला चर्चा में
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में मांगी स्टेटस रिपोर्ट, अगली सुनवाई 19 मार्च को
उत्तराखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को दो अहम मामलों -कोटद्वार के बहुचर्चित “मोहम्मद दीपक” प्रकरण
और 800 करोड़ रुपये के एलयूसीसी चिटफंड घोटाले पर सुनवाई हुई।
अदालत ने दोनों मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित पक्षों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मोहम्मद दीपक मामला: कोर्ट ने मांगा डोनेशन का हिसाब
कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार, जो खुद को “मोहम्मद दीपक” बताते हैं, से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने निर्देश दिया कि दीपक अपने बैंक खाते में आए डोनेशन का पूरा विवरण शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करें।
याचिका में मांग
दीपक ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों में गिरफ्तारी पर रोक और पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।
- 28 जनवरी को कमल प्रसाद की शिकायत पर केस दर्ज
- आरोप: गाली-गलौज, धमकी और मोबाइल छीनना
- दीपक पक्ष का आरोप: पुलिस ने वीडियो के बावजूद अज्ञात पर केस दर्ज कर उन्हें परेशान किया
डोनेशन पर कोर्ट सख्त
सुनवाई में दीपक ने बताया कि वायरल वीडियो के बाद लोगों ने सहानुभूति में उनके खाते में पैसे भेजे।
इस पर कोर्ट ने कहा कि: खाते में आई रकम का पूरा हिसाब दिया जाए
क्या है पूरा मामला
26 जनवरी, 2026 को एक बुजुर्ग दुकानदार वकील अहमद की दुकान को लेकर विवाद हुआ था।
इस दौरान दीपक ने बीच-बचाव किया और खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया, जिसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
बाद में राहुल गांधी और संजय सिंह ने भी उन्हें सम्मानित किया।
LUCC चिटफंड घोटाला: 800 करोड़ की ठगी पर CBI जांच
मामले की स्थिति
लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCC) घोटाले में हाईकोर्ट की खंडपीठ रविन्द्र मैठाणी और सिद्धार्थ साह—ने 18 मार्च तक जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।
घोटाले का तरीका
- राज्य में 35 शाखाएं खोलकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया
- कम समय में अधिक मुनाफे का लालच
- विदेशी निवेश (सोना, तेल, रिफाइनरी) का झांसा
- परिपक्व राशि वापस न कर कंपनी संचालक फरार
अब तक की कार्रवाई
- 800 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी
- केन्द्रीय जांच ब्यूरो/ACB देहरादून ने 46 आरोपियों पर केस दर्ज
- 9 जिलों में 18 मुकदमे दर्ज
- कई गिरफ्तारियां हो चुकी
पीड़ितों की मांग
पीड़ितों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा:
👉 कई मामलों में अभी तक FIR दर्ज नहीं
👉 बिना मुकदमा दर्ज हुए पैसा वापस मिलना मुश्किल
कोर्ट ने निर्देश दिया कि पीड़ित सीधे सीबीआई को शिकायत और दस्तावेज दें।

















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