प्रकोष्ठ गठन के साथ आंदोलन तेज करने की तैयारी
लूशुन टोडरिया बने केंद्रीय अध्यक्ष, जनता के बीच ले जाया जाएगा मुद्दा
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने राज्य में मूल निवास और सशक्त भू-कानून के मुद्दे पर
अपना रुख और अधिक आक्रामक कर लिया है।
पार्टी ने इस अहम मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “मूल निवास भू कानून प्रकोष्ठ” का गठन किया है।
लूशुन टोडरिया को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने इस आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने के लिए
लूशुन टोडरिया को प्रकोष्ठ का केंद्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है।
टोडरिया लंबे समय से मूल निवास और भू-कानून के मुद्दे पर सक्रिय रहे हैं और अब उन्हें इस आंदोलन की अगुवाई की जिम्मेदारी दी गई है।
यूकेडी का दावा–हमेशा से मुखर रही पार्टी
पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुनील कोटनाला ने कहा कि यूकेडी शुरू से ही मूल निवास
और भू-कानून के मुद्दे पर स्पष्ट और मुखर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ का गठन इस बात का संकेत है कि पार्टी अब इस लड़ाई को
और तेज तथा संगठित तरीके से आगे बढ़ाएगी।
“राजनीतिक तरीके से लड़ने का समय” – टोडरिया
नवनियुक्त अध्यक्ष लूशुन टोडरिया ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन
के समय से ही यूकेडी ने प्रदेश की जमीन और संसाधनों की रक्षा की बात उठाई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से लड़ने का समय आ गया है।
उनके अनुसार, गैर-राजनीतिक आंदोलन से विपक्षी दलों को लाभ मिल सकता है, इसलिए यह लड़ाई यूकेडी के नेतृत्व में लड़ी जानी चाहिए।
प्रदेशभर में अभियान, कार्यकारिणी का जल्द विस्तार
यूकेडी ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा।
इसके साथ ही प्रदेशभर में अभियान चलाकर आमजन को मूल निवास और सशक्त भू-कानून के समर्थन में लामबंद किया जाएगा।
चुनाव से पहले तेज होंगी गतिविधियां
गौरतलब है कि यूकेडी पहले से ही सड़कों पर उतरकर इन मुद्दों को उठाती रही है।
अब प्रकोष्ठ गठन के बाद पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपनी राजनीतिक रणनीति को और धार देने के संकेत दिए हैं।




















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