गृह मंत्रालय ने भर्ती नियमों में संशोधन का दिया सुझाव, परीक्षा से छूट भी संभव
देश के सुरक्षा बलों में भर्ती को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के लिए आरक्षण बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
अगर यह लागू होता है, तो अब CISF भर्ती में 50% तक सीटें एक्स-अग्निवीरों के लिए आरक्षित की जा सकती हैं।
10% से बढ़ाकर 50% आरक्षण का प्रस्ताव
अब तक CISF में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 50% करने की तैयारी है। यह बदलाव कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) पदों पर लागू होगा।
CISF ने इस प्रस्ताव को शामिल करते हुए संशोधित भर्ती नियमों का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसे फिलहाल सुझावों के लिए साझा किया गया है।
भर्ती प्रक्रिया में बड़ी राहत की तैयारी
नए प्रस्ताव के तहत एक्स-अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में कई छूट मिल सकती हैं:
- लिखित परीक्षा से छूट
- फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) से छूट
- फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से छूट
पहले केवल PST में छूट दी जाती थी, लेकिन अब प्रक्रिया को और आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
अग्निपथ योजना से जुड़ा अहम कदम
यह निर्णय अग्निपथ योजना के तहत सेवा दे चुके युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
2022 में भर्ती हुए अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत तक सेवा से मुक्त होगा।
ऐसे में हजारों प्रशिक्षित युवा CAPF में भर्ती के लिए उपलब्ध होंगे।
अन्य बलों और राज्यों में भी पहल
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स पहले ही एक्स-अग्निवीरों के लिए 50% आरक्षण की घोषणा कर चुका है।
इसके अलावा दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों की पुलिस में भी ऐसे प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।
क्या है अग्निपथ योजना?
भारत सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत:
- 4 साल के लिए सेना में भर्ती
- 25% जवानों को स्थायी सेवा
- 75% सेवा के बाद अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए मुक्त
विश्लेषण: युवाओं के लिए अवसर या नई चुनौती?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम प्रशिक्षित और अनुशासित युवाओं को सुरक्षा बलों में शामिल करने का अच्छा अवसर देगा।
हालांकि, सामान्य अभ्यर्थियों के लिए सीटें कम होने की चिंता भी सामने आ सकती है।
















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