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सरोकारों से साक्षात्कार

Twisha death case: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार

ट्विशा शर्मा दहेज प्रताड़ना और मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड भोपाल जिला जज

और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत

रद्द किए जाने के एक दिन बाद की गई।

6 घंटे पूछताछ के बाद CBI ने किया गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह CBI अधिकारियों की टीम भोपाल स्थित गिरिबाला सिंह के आवास पहुंची,

जहां करीब छह घंटे तक पूछताछ और जांच की गई। जांच एजेंसी ने मौके पर क्राइम सीन को भी रीक्रिएट किया।

पूछताछ के बाद CBI ने गिरिबाला सिंह को हिरासत में ले लिया।

CBI की मुख्य सूचना अधिकारी बीना यादव ने बताया कि गिरिबाला सिंह को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा

और एजेंसी उनकी रिमांड की मांग करेगी।

पति समर्थ सिंह पहले से CBI हिरासत में

ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह, जो पेशे से वकील हैं, पहले से ही CBI की हिरासत में हैं।

जांच एजेंसी अब मां-बेटे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है,

ताकि ट्विशा की मौत से जुड़े घटनाक्रम और परिस्थितियों की सच्चाई सामने लाई जा सके।

हाईकोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस देव नारायण मिश्रा की एकल पीठ ने गुरुवार देर रात गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत

रद्द कर दी। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने जमानत देते समय पीड़िता पक्ष के आरोपों और साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार नहीं

किया।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ट्विशा के शरीर पर छह अतिरिक्त चोटें पाई गई थीं,

जिनमें सिर पर लगी एक चोट एंटेमॉर्टम यानी मौत से पहले की थी। अदालत ने माना कि ये चोटें शव उतारने या अस्पताल ले

जाने के दौरान नहीं लगी थीं।

सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप

पीड़िता पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत में आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह ने अपने न्यायिक अनुभव और

तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर सबूतों और घटनास्थल से छेड़छाड़ की। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि

आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और मामले को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।

मामला क्या है?

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उनके परिवार ने दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए थे।

मामले में पहले स्थानीय पुलिस जांच कर रही थी, लेकिन बाद में जांच CBI को सौंप दी गई। इस केस को लेकर देशभर में चर्चा

रही और पीड़िता परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था।

CBI अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल और आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

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लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.

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