शिक्षा के क्षेत्र में सिक्किम ने रचा इतिहास
सिक्किम को ULLAS (Understanding of Lifelong Learning for All in Society) पहल के तहत पूर्ण साक्षर राज्य घोषित
किया गया है। यह घोषणा बुधवार को गंगटोक स्थित मणन केंद्र में सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान राष्ट्रपति
द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में की गई।
देश का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य बना सिक्किम
इस उपलब्धि के साथ सिक्किम अब उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्हें पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा प्राप्त है।
इससे पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
सिक्किम पूर्वोत्तर का तीसरा और देश का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है।
वयस्क शिक्षा और आजीवन सीखने पर जोर
ULLAS पहल को शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किया गया था।
इसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में वयस्क शिक्षा, कार्यात्मक साक्षरता और आजीवन सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने दी बधाई
प्रेम सिंह तमांग ने इस उपलब्धि पर राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सिक्किम के शैक्षिक और सामाजिक विकास का ऐतिहासिक क्षण है।
उन्होंने कहा कि राज्य के दूरदराज गांवों तक इस मिशन को सफलतापूर्वक पहुंचाया गया।
पहली बार पढ़ना-लिखना सीखने वालों की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि कई पुरुषों और महिलाओं ने जीवन में पहली बार पढ़ना और लिखना सीखा।
उन्होंने इसे “साक्षर सिक्किम” की असली भावना बताया।
शिक्षकों और स्वयंसेवकों का जताया आभार
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग, स्वयंसेवी शिक्षकों, अधिकारियों और इस अभियान से जुड़े सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा
कि उनके समर्पण और मेहनत से यह अभियान सफल हो सका।

लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.















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