टीवी पत्रकार और एंकर अंजना ओम कश्यप के एक बयान को लेकर देशभर में विवाद खड़ा हो गया है।
एक टीवी डिबेट के दौरान उन्होंने कुछ YouTube शिक्षकों को लेकर तीखी टिप्पणी की, जिसके बाद ऑनलाइन शिक्षा जगत,
शिक्षकों और छात्रों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
YouTube शिक्षकों को बताया ‘फ्रॉड’, बयान हुआ वायरल
29-30 मई को प्रसारित एक डिबेट के दौरान अंजना ओम कश्यप ने कुछ YouTube शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल उठाते
हुए उन्हें “बड़े फ्रॉड” बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाने के नाम पर केवल व्यूज और कमाई के लिए
काम कर रहे हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
अभिनय शर्मा ने उठाए सवाल
लोकप्रिय गणित शिक्षक और YouTube एजुकेटर अभिनय शर्मा ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि ऑनलाइन
शिक्षक अयोग्य हैं, तो फिर वर्षों से लाखों छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कौन करवा रहा है?
उन्होंने कहा कि देश के दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले हजारों छात्र महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते। ऐसे में YouTube
शिक्षकों ने उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई है।
सुमन मैम ने किया तीखा पलटवार
Ocean Gurukuls प्लेटफॉर्म से जुड़ी शिक्षिका सुमन मैम ने भी बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे आर्थिक रूप से
कमजोर छात्रों के लिए मुफ्त कक्षाएं संचालित करती हैं और ऐसे शिक्षकों को “फ्रॉड” कहना उन लाखों छात्रों के संघर्ष का
अपमान है जो ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ रहे हैं।
सुमन ने यह भी कहा कि मीडिया को शिक्षा, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए।
खान सर का नाम भी चर्चा में
विवाद के दौरान कई सोशल मीडिया यूजर्स ने लोकप्रिय शिक्षक खान सर का भी जिक्र किया। कुछ लोगों का मानना है कि
ऑनलाइन शिक्षकों पर की गई टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कई शिक्षकों ने मीडिया की कार्यशैली को लेकर सार्वजनिक
रूप से सवाल उठाए हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रों ने सोशल मीडिया पर साझा किए अनुभव
विवाद के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए। छात्रों का कहना है कि कोरोना काल के
दौरान जब स्कूल और कोचिंग संस्थान बंद थे, तब YouTube शिक्षकों ने पढ़ाई को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कई छात्रों ने लिखा कि ऑनलाइन शिक्षा की मदद से उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और सफलता हासिल की।
छात्रों ने शिक्षकों को लेकर की गई टिप्पणी को अनुचित बताया।
ऑनलाइन शिक्षा की भूमिका पर फिर छिड़ी बहस
इस विवाद ने ऑनलाइन शिक्षा और पारंपरिक मीडिया के बीच बढ़ती दूरी को भी उजागर किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने शिक्षा को अधिक सुलभ बनाया है, खासकर उन छात्रों के लिए जो आर्थिक या
भौगोलिक कारणों से बड़े संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते।
हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर चर्चा जरूरी है,
लेकिन पूरे समुदाय को एक साथ कठघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।
अब तक नहीं आई कोई आधिकारिक सफाई
विवाद बढ़ने के बावजूद अंजना ओम कश्यप या संबंधित समाचार चैनल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या
माफी जारी नहीं की गई है। वहीं सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार ट्रेंड कर रहा है और शिक्षकों व छात्रों की प्रतिक्रियाएं
सामने आ रही हैं।

लेखिका बीते ढाई दशक से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय हैं.वर्ष 2015 से रीजनल रिपोर्टर के संपादक के पद पर कार्यरत हैं.















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