दो दिन बाद देवल गांव पहुंचे सांसद चंद्रशेखर
उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद
मंगलवार को टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर ब्लॉक स्थित देवल गांव पहुंचे। उन्होंने दिवंगत केतन लाल के शोक संतप्त परिवार से
मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
परिजनों से की मुलाकात, न्याय दिलाने का दिया आश्वासन
सांसद चंद्रशेखर ने केतन लाल के पिता धनपाल लाल से मुलाकात की और कहा कि यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक
मजबूती से लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह उनकी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
क्या है पूरा मामला?
प्रतापनगर के देवल गांव निवासी केतन लाल की 8 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
परिजनों का आरोप है कि मारपीट के बाद उनकी मौत हुई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है
और मामले को लेकर लगातार न्याय की मांग उठ रही है।
हरिद्वार में दो बार रोके गए सांसद
चंद्रशेखर आजाद 28 जून को भी केतन लाल के परिवार से मिलने निकल चुके थे,
लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें हरिद्वार में रोक दिया था।
मंगलवार को दोबारा प्रतापनगर जाते समय भी उनके काफिले को कई स्थानों पर रोका गया।
अंततः सीमित वाहनों और सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें देवल गांव पहुंचने की अनुमति दी गई।
बारिश में पैदल चले सांसद
नरेंद्रनगर क्षेत्र में वाहनों की संख्या बढ़ने पर पुलिस ने काफिले को रोक दिया।
इससे नाराज सांसद अपने कुछ समर्थकों के साथ बारिश में करीब तीन किलोमीटर तक पैदल हिंडोलाखाल की ओर निकल
पड़े। बाद में पुलिस ने उन्हें सीमित वाहनों के साथ आगे जाने की अनुमति दी।
CBI जांच की उठाई मांग
देवल गांव पहुंचकर सांसद चंद्रशेखर ने केतन हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी की आवश्यकता है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
सांसद ने सरकार से मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए ताकि जल्द न्याय सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को स्वयं पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें न्याय का भरोसा देना चाहिए।
परिवार की सुरक्षा पर भी जताई चिंता
चंद्रशेखर ने दावा किया कि घटना के बाद परिवार दहशत में है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवार को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया जाए
और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
गांव में उठ रहे अलग-अलग सवाल
वहीं, गांव के कुछ लोगों का कहना है कि इस मामले में राजनीतिक रंग भी दिया जा रहा है।
उनका कहना है कि मामले के दूसरे पक्ष की शिकायतों पर अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है,
जबकि संबंधित पक्ष द्वारा प्रशासन से कई बार गुहार लगाने की बात कही जा रही है।
अब आगे क्या?
सांसद चंद्रशेखर के दौरे के बाद केतन हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
अब सभी की नजर सरकार और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।















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