सरकार को दो महीने में आदेश लागू करने के निर्देश
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत लैब टेक्नीशियन के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने राज्य सरकार को लैब टेक्नीशियन को एक्स-रे टेक्नीशियन और डेंटल हाइजीनिस्ट के समान वेतनमान देने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकल पीठ ने कुसुम रावत व अन्य बनाम उत्तराखंड राज्य समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
15 अप्रैल 2010 से मिलेगा संशोधित वेतनमान
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि विभाग में समान प्रकृति का कार्य करने वाले एक्स-रे टेक्नीशियन और डेंटल हाइजीनिस्ट का वेतनमान पहले ही ₹9,300-34,800 (ग्रेड पे ₹4200) किया जा चुका है, लेकिन लैब टेक्नीशियन को इसका लाभ नहीं मिला।
हाईकोर्ट ने पूर्व में दिए गए ‘पवन कश्यप’ और ‘माधव प्रसाद डोभाल’ मामलों के फैसलों का हवाला देते हुए
कहा कि समान कार्य करने वाले कर्मचारियों को अलग वेतनमान देना उचित नहीं है।
दो महीने में आदेश लागू करने के निर्देश
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सभी पात्र याचिकाकर्ताओं को 15 अप्रैल 2010 से प्रभावी संशोधित वेतनमान
₹9,300-34,800 (ग्रेड पे ₹4200) और उससे जुड़े सभी वित्तीय लाभ दिए जाएं।
साथ ही आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के दो महीने के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।
THDC डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की याचिका खारिज
इसी दौरान उत्तराखंड हाईकोर्ट ने टीएचडीसी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन और अन्य की रिट याचिका भी खारिज कर दी।
याचिका में भारत सरकार के 11 जून 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत टीएचडीसीआईएल और नीपको के निदेशक मंडल का पुनर्गठन किया गया था।
याचिकाकर्ताओं ने विनिवेश के बाद कर्मचारियों के सेवा हितों की सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार नहीं किया।















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