3 की मौत; 14 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा
नई दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद करीब 14 घंटे तक चले सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन को गुरुवार सुबह पूरा कर लिया गया।
हादसे में कुल चार लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें तीन की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। उसका अस्पताल में इलाज जारी है।
बुधवार शाम हुआ था हादसा
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार बुधवार शाम 4:19 बजे एमसीडी स्कूल के पास निर्माणाधीन इमारत गिरने की सूचना मिली थी।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, नगर निगम, दिल्ली स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीएसडीएमए) समेत कई एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया।
बारिश के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन
लगातार हो रही बारिश, फिसलन और अंधेरे के कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण रहा।
मलबा हटाने के लिए जेसीबी, अत्याधुनिक मशीनों और मैन्युअल तकनीक का इस्तेमाल किया गया ताकि किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया।
तीन लोगों की मौत, एक घायल
बचाव दल ने मलबे से तीन लोगों को बाहर निकाला। इनमें से दो को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक घायल का उपचार जारी है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने एजेंसियों के पहुंचने से पहले एक अन्य व्यक्ति को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया,
जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस तरह हादसे में कुल तीन लोगों की जान गई।
सुबह 6:45 बजे पूरा हुआ ऑपरेशन
दिल्ली फायर सर्विस के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र अटवाल ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 6:45 बजे सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया।
जांच में मलबे के नीचे किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की पुष्टि नहीं हुई। एहतियात के तौर पर दमकल विभाग की एक टीम अभी भी मौके पर तैनात है।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद प्रशासन ने इमारत गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में लगातार बारिश के साथ निर्माण की गुणवत्ता और भवन की संरचनात्मक मजबूती की भी जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इमारत के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया
और भवन निर्माण नियमों का पालन नहीं किया गया।
साथ ही अवैध अतिरिक्त निर्माण और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।















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