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सरोकारों से साक्षात्कार

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्र संवाद कार्यक्रम

कुलपति बोले- शिक्षक-छात्र संवाद से बनेगा बेहतर शैक्षिक माहौल

छात्र सलाहकार समिति की पहल, शोधार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

हेमवती नंदन बहुगुणा (एचएनबी) गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल में छात्र सलाहकार समिति की ओर से

गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई 2026) से शुरू हुए निरंतर छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन लगातार किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल स्थित छात्र सलाहकार कार्यालय में प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से 6 बजे तक आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के शोधार्थी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

दूसरे और तीसरे दिन मानविकी एवं समाज विज्ञान संकाय, कला, संस्कृति एवं भाषा संकाय तथा वाणिज्य संकाय के शोधार्थियों ने संवाद कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की।

कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने दी शुभकामनाएं

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कार्यक्रम की सफलता पर शोधार्थियों

और आयोजन समिति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों और छात्रों के बीच नियमित संवाद ही स्वस्थ शैक्षिक और नैतिक वातावरण की आधारशिला है।

उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय के समग्र शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य छात्र सलाहकार (Chief Students’ Advisor) प्रो. एम.एम. सेमवाल ने की।

उन्होंने कहा कि छात्र सलाहकार समिति छात्रों और शोधार्थियों में रचनात्मक सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऐसे संवाद छात्रों के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करते हैं।

रिसर्च एथिक्स और तकनीक के उपयोग पर मार्गदर्शन

संयुक्त छात्र सलाहकार (Joint Students’ Advisor) प्रो. सीमा धवन ने शोधार्थियों को साहित्यिक चोरी (Plagiarism) से बचने की शपथ दिलाई।

उन्होंने शोध कार्य में ईमानदारी, नैतिकता और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

भारतीय जीवन मूल्यों पर दिया विशेष व्याख्यान

उप छात्र सलाहकार (Deputy Students’ Advisor) डॉ. कविता भट्ट ने भारतीय जीवन मूल्यों और शोधार्थियों के नैतिक दायित्वों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि युवा देश के भविष्य हैं और उन्हें अपने जीवन में शैक्षिक, व्यावहारिक तथा आध्यात्मिक मूल्यों के बीच संतुलन स्थापित करना चाहिए, ताकि विकसित भारत की संकल्पना साकार हो सके।

जल्द होंगी टीचिंग स्किल और रिसर्च एथिक्स पर कार्यशालाएं

छात्र सलाहकार समिति ने बताया कि भविष्य में विभिन्न संकायों के छात्रों और शोधार्थियों के लिए टीचिंग स्किल, रिसर्च एथिक्स, नेतृत्व विकास और व्यक्तित्व निर्माण जैसे विषयों पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

उद्देश्य विश्वविद्यालय में सकारात्मक, रचनात्मक और संवाद आधारित शैक्षणिक वातावरण को और मजबूत बनाना है।

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