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बागेश्वर में गुलदार का हमला: मवेशी चराने गई महिला की मौत

तेज बारिश और घने कोहरे के बीच जंगल में हुआ हमला, पुलिस और वन विभाग जांच में जुटे

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की कांडा तहसील में गुलदार के हमले की दर्दनाक घटना सामने आई है।

बाझीरौट (खड़खेत) गांव निवासी 48 वर्षीय कमला देवी की जंगल में मवेशी चराने के दौरान मौत हो गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला पर गुलदार ने हमला किया, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

19 परिवारों के मवेशी चराने गई थीं महिला

जानकारी के अनुसार, कमला देवी गांव की बारी व्यवस्था के तहत 19 परिवारों के 50 से अधिक मवेशियों को चराने जंगल गई थीं।

उनके साथ उनके पति पूरन राम भी मौजूद थे। इसी दौरान जंगल में तेज बारिश और घना कोहरा छाया हुआ था।

अचानक कमला देवी की चीख सुनाई दी। जब उनके पति और पास में बकरियां चरा रहे पंकज राम मौके पर पहुंचे तो कमला देवी लहूलुहान हालत में पड़ी थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने गुलदार को भागते देखा

परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि उन्होंने घटनास्थल से एक गुलदार को भागते हुए देखा।

खराब मौसम और घने कोहरे का फायदा उठाकर वह कुछ ही देर में जंगल में ओझल हो गया।

महिला के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।

गांव में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को जल्द पकड़ने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बलवंत कंबोज, ग्राम प्रधान प्रकाश राम, पुलिस टीम और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि

थाना प्रभारी बलवंत कंबोज ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गुलदार के हमले का प्रतीत होता है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी।

वहीं प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने कहा कि घटना बेहद दुखद है।

वन विभाग की टीम मौके पर जांच कर रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

कमला देवी अपने पीछे पति और चार बच्चों का परिवार छोड़ गई हैं। उनका बड़ा बेटा विवाहित है और बाहर रहता है।

दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटा बेटा अभी अविवाहित है।

इस घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव-मानव संघर्ष को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने प्रभावित इलाके में गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की है।

https://regionalreporter.in/devendra-nath-mahato-ends-hunger-strike-sonam-wangchuk/
https://youtu.be/vcFHhM6hn8M?si=Z24R4KYfIjb3DGsE
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