अमरोहा-बिजनौर से जुड़ेगा नया कॉरिडोर
गंगा एक्सप्रेसवे को अब हरिद्वार तक जोड़ने की योजना आगे बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच इस विस्तार को लेकर सहमति बनने के बाद परियोजना के अगले चरण की तैयारियां तेज हुई हैं।
प्रस्तावित नया कॉरिडोर अमरोहा और बिजनौर के रास्ते हरिद्वार तक पहुंचेगा।
मौजूदा गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किलोमीटर लंबा है और उत्तर प्रदेश में मेरठ से प्रयागराज तक जाता है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर
Meerut–Haridwar Expressway को प्रस्तावित परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
अमरोहा-बिजनौर के रास्ते हरिद्वार तक विस्तार
अधिकारियों के मुताबिक प्रस्तावित विस्तार की लंबाई करीब 146.2 किलोमीटर होगी।
इसमें लगभग 116.8 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 29.3 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में प्रस्तावित है।
यह कॉरिडोर अमरोहा और बिजनौर से होकर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच तेज और बेहतर सड़क संपर्क विकसित होने की उम्मीद है।
उत्तराखंड वाले हिस्से की लागत यूपी उठाएगा
परियोजना को लेकर दोनों राज्यों के बीच जिम्मेदारियों को लेकर सहमति बनी है।
सामने आई जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश उत्तराखंड में बनने वाले करीब 30 किलोमीटर हिस्से के निर्माण की लागत वहन करेगा,
जबकि उत्तराखंड की ओर से भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी प्रक्रियाओं में सहयोग किया जाएगा।
इससे उत्तराखंड में परियोजना के निर्माण का सीधा वित्तीय बोझ कम होगा।
भूमि अधिग्रहण की तैयारियां शुरू
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में सर्वे और भूमि संबंधी तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं।
UPEIDA ने अमरोहा और बिजनौर के प्रभावित क्षेत्रों के बंदोबस्ती नक्शे भी मांगे हैं।
अप्रैल में सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित कॉरिडोर से अमरोहा, बिजनौर और हरिद्वार जिलों के करीब 204 गांव प्रभावित हो सकते हैं।
इनमें 62 गांव अमरोहा, 117 बिजनौर और 25 गांव हरिद्वार जिले में बताए गए थे।
दो बड़े धार्मिक शहरों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार केवल सड़क संपर्क के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है,
बल्कि इससे हरिद्वार और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2026 में मेरठ से प्रयागराज तक बने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के दौरान भी इसे आगे हरिद्वार तक बढ़ाने की बात सामने आई थी।
यात्रा, पर्यटन और कारोबार को मिल सकता है फायदा
हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे पहुंचने से उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सड़क यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
इससे हरिद्वार आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन और कारोबारी गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है।
खास तौर पर हरिद्वार, बिजनौर और अमरोहा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने से क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को नई गति मिलने की संभावना है।
हालांकि, परियोजना के निर्माण, अंतिम एलाइनमेंट और जमीन से जुड़ी प्रक्रियाओं के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
फिलहाल UPEIDA की आधिकारिक परियोजना सूची में Meerut–Haridwar Expressway प्रस्तावित परियोजना के तौर पर दर्ज है।
















Leave a Reply