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नेपाल में तबाही: फ्लैश फ्लड से 675 की मौत

2,498 लोग लापता; भारत की चौथी राहत उड़ान पहुंची

भोटे कोशी नदी में फिर बढ़ा जलस्तर, निचले इलाकों में हाई अलर्ट

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं।

हिमालयी इलाके में खोज, बचाव और राहत अभियान रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा।

नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी, NDRRMA के ताजा आंकड़ों के अनुसार, आपदा में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं करीब 2,498 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें हाइड्रोपावर परियोजनाओं के कर्मचारी, विदेशी नागरिक, आम लोग और सुरक्षा व सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।

चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद

ताजा आंकड़ों के अनुसार, चितवन जिले में सबसे अधिक 246 शव बरामद किए गए हैं।

इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 165, नवलपरासी वेस्ट में 63 और गोरखा में 57 शव मिले हैं।

नुवाकोट में 51, धाडिंग में 45, तनहुन में 35 और रसुवा में 13 शव बरामद किए गए हैं।

गोरखा के आंकड़ों में इंसानी शरीर के कई अंग भी शामिल बताए गए हैं।

हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से 933 लोग लापता

लापता लोगों की सूची में हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजनाओं से जुड़े 933 लोग शामिल हैं।

इसके अलावा 589 विदेशी नागरिकों का भी अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए सर्जिकल मेडिकल टीम भी तैनात की गई है।

नेपाल सरकार ने खोज, बचाव और राहत अभियान के लिए 18 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों को मैदान में उतारा है।

भोटे कोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा

रविवार सुबह भोटे कोशी नदी के बहाव और शोर में अचानक बढ़ोतरी की खबरों के बाद NDRRMA ने नई चेतावनी जारी की।

अथॉरिटी ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत टीमों को बेहद सतर्क रहने को कहा है।

रसुवा नदी किनारे के समुदायों और नेपाल-चीन सीमा के आसपास के इलाकों को भी जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नुवाकोट और धाडिंग में नदी बेसिन के पास स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।

भारत ने भेजी चौथी राहत उड़ान

भारत ने रविवार को नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए काठमांडू अपनी चौथी राहत उड़ान भेजी।

इस राहत खेप में करीब 11 टन जरूरी सामग्री और विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मियों को भेजा गया है।

राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी वस्तुएं शामिल हैं।

विमान के जरिए मुश्किल सुरंगों और दुर्गम क्षेत्रों में खोज-बचाव के लिए एक विशेष तकनीकी टीम भी भेजी गई है।

पीड़ितों की पहचान में मदद के लिए डीएनए जांच उपकरणों से लैस फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी नेपाल पहुंची है।

भारत की यह सहायता नेपाल में चल रहे बचाव, राहत, चिकित्सा और तकनीकी सहयोग अभियान का हिस्सा है।

अमेरिका ने 3.6 मिलियन डॉलर की सहायता का किया ऐलान

नेपाल की आपदा को देखते हुए अमेरिका ने भी 3.6 मिलियन डॉलर से अधिक की जीवन-रक्षक मानवीय सहायता देने की घोषणा की है।

अमेरिकी सहायता में बाढ़ प्रभावित 10 हजार परिवारों के लिए तीन महीने तक की आपातकालीन खाद्य सहायता भी शामिल है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि नेपाल और चीन में स्थित उसके दूतावास प्रभावित लोगों और अमेरिकी नागरिकों की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।

हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और सोलर प्लांट्स को भारी नुकसान

विनाशकारी बाढ़ से नेपाल के कई बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और सोलर प्लांट्स को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

त्रिशूली नदी के किनारे स्थित एक सोलर प्लांट का बड़ा हिस्सा मलबे में दबकर नष्ट हो गया है।

नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन लगातार बदलते मौसम और नदी के बढ़ते जलस्तर ने राहत टीमों की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

https://regionalreporter.in/nepali-flood-international-help/
https://youtu.be/mkxRWaVVmdU?si=esKIYAvm8_3USZl-
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