विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, रेफरल व्यवस्था और मरीजों के परिजनों के लिए टेलीफोन सुविधा का मुद्दा उठाया
सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट संजय पांडे ने राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा के
प्राचार्य प्रो. गोविंद सिंह तितियाल से मुलाकात की।
उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता आशीष जोशी भी मौजूद रहे।
मुलाकात के दौरान संजय पांडे ने मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े कई जनहित के मुद्दे उठाए।
उन्होंने कहा कि पहाड़ के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलनी चाहिए।
गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को अनावश्यक रूप से पहाड़ से बाहर रेफर न करना पड़े,
इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और चिकित्सा व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है।
विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही रेफर हों मरीज
संजय पांडे ने मरीजों की रेफरल व्यवस्था को लेकर भी मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि किसी मरीज को रेफर करने का निर्णय उचित चिकित्सकीय कारण और संबंधित विशेषज्ञ या वरिष्ठ चिकित्सक की सलाह के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी द्वारा वरिष्ठ चिकित्सक की सलाह के बिना मरीज के परिजनों को दूसरे अस्पताल ले जाने या रेफर कराने की सलाह नहीं दी जानी चाहिए।

मरीजों के परिजनों के लिए टेलीफोन सुविधा का सुझाव
दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए प्रत्येक ओपीडी और संबंधित विभाग में अधिकृत टेलीफोन नंबर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।
उन्होंने कहा कि कई बार मरीजों के परिजन अस्पताल में हर समय मौजूद नहीं रह पाते।
ऐसे में फोन के माध्यम से मरीज की स्थिति, उपचार की प्रगति और जरूरी जानकारी लेने की सुविधा होनी चाहिए।
प्राचार्य ने कार्रवाई का दिया भरोसा
प्राचार्य प्रो. गोविंद सिंह तितियाल ने संजय पांडे की ओर से उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना।
उन्होंने संबंधित मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिया।
प्राचार्य ने कहा कि मेडिकल कॉलेज किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि अल्मोड़ा की पूरी जनता का संस्थान है।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता आशीष जोशी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा समेत आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है।
अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।

जनहित में सहयोग जारी रखने की बात
संजय पांडे ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं है।
उनका प्रयास मरीजों और उनके परिजनों की समस्याओं को सामने रखकर उनका सकारात्मक समाधान कराना है।
उन्होंने कहा कि वह पहले भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं और भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करते रहेंगे।

















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