बच्चों समेत कई अस्पताल में भर्ती
टिहरी के सिरोला गांव में उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत; डॉक्टर ने संदिग्ध रूप से मरे पशु का मांस नहीं खाने की दी सलाह
उत्तराखंड के टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक से बड़ी खबर सामने आई है।
मलेथा के पास सिरोला गांव में शनिवार को 20 से ज्यादा लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
बीमार लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
ग्रामीणों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए ले जाया गया।
मरी बकरी का मांस खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गांव में एक बकरी की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने उसका मांस पकाकर खा लिया।
मांस खाने के कुछ समय बाद कई लोगों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। बच्चों में डायरिया की समस्या भी सामने आई।
हालत बिगड़ने पर परिजन बीमार लोगों को अस्पताल लेकर पहुंचे। कुछ मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।

बच्चों को बेस अस्पताल में कराया गया भर्ती
बीमार बच्चों को बेस अस्पताल के बाल रोग विभाग में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
ग्रामीणों में अचानक बड़ी संख्या में बीमारी के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पताल पहुंचे विधायक विनोद कंडारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने अस्पताल में भर्ती बीमार लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली।
विधायक ने डॉक्टरों से मरीजों के उपचार को लेकर जानकारी ली।
उन्होंने मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर अधिकारियों और चिकित्सकों से भी बात की।
डॉक्टर ने दी संदिग्ध मांस से बचने की सलाह
चिकित्सक डॉ. अजय गोस्वामी ने सलाह दी है कि किसी पशु की बीमारी या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर उसका मांस नहीं खाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे पशु में संक्रमण या बीमारी होने की स्थिति में मांस का सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
इसलिए पशु की असामान्य मौत होने पर उसके मांस का सेवन करने से बचना चाहिए।

उल्टी-दस्त होने पर तुरंत अस्पताल जाएं
डॉक्टर के अनुसार, ऐसे मांस के सेवन के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
खासकर बच्चों में लगातार दस्त और उल्टी से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है। ऐसे मामलों में घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय अस्पताल पहुंचना जरूरी है।
बीमारी की असली वजह जांच के बाद होगी साफ
सिरोला गांव में एक साथ 20 से ज्यादा लोगों के बीमार होने के बाद मामले को लेकर ग्रामीणों में चिंता है।
फिलहाल प्रारंभिक तौर पर मरी बकरी का मांस खाने और लोगों के बीमार पड़ने के बीच संबंध सामने आया है।
हालांकि, मांस खाने से ही बीमारी हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद संक्रमण या बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।



















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