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लाल किला ब्लास्ट: NIA चार्जशीट में बड़ा खुलासा

आरोपी ने AI से सीखी IED बनाने की जानकारी

दिल्ली के लाल किला इलाके में नवंबर 2025 में हुए कार ब्लास्ट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने कई अहम दावे किए हैं।

ताजा चार्जशीट के मुताबिक, मामले के आरोपी जसीर बिलाल वानी ने IED तैयार करने की जानकारी हासिल करने के लिए AI टूल का इस्तेमाल किया था।

NIA का दावा है कि वानी ने इंटरनेट पर रॉकेट और विस्फोटक तैयार करने से जुड़ी जानकारी खोजी थी।

इसके बाद उसने ChatGPT से भी IED तैयार करने के बारे में जानकारी ली।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बम तैयार करने के लिए जरूरी सामान भी मंगाया था।

इन खरीदारी के लिए इस्तेमाल किए गए पैसे कथित तौर पर मुख्य आरोपी उमर उन नबी ने उपलब्ध कराए थे।

Signal पर होती थी हमले की प्लानिंग

NIA की चार्जशीट में आरोपियों के बीच बातचीत और संपर्क के तरीके का भी उल्लेख है।

एजेंसी के मुताबिक, आरोपी WhatsApp और Telegram के बजाय Signal ऐप का इस्तेमाल करते थे।

जांच एजेंसी का दावा है कि Signal पर बनाए गए कुछ ग्रुप्स में ऑपरेशन की योजना और आपसी बातचीत होती थी।

चार्जशीट में इन ग्रुप्स के नाम ‘शोले’, ‘गब्बर सिंह 1975’ और ‘कावड़ यात्रा’ बताए गए हैं।

NIA के अनुसार, आरोपियों ने Signal को बातचीत के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माध्यम माना था।

जसीर बिलाल वानी की भूमिका

NIA ने जसीर बिलाल वानी को चार्जशीट में आरोपी नंबर-3 यानी A-3 के तौर पर नामित किया है।

एजेंसी के अनुसार, वानी ने तकनीकी मदद देने के साथ विस्फोटक तैयार करने से जुड़ी जानकारी जुटाई थी।

NIA ने पहले भी आरोप लगाया था कि वानी ने ड्रोन में बदलाव और रॉकेट तैयार करने की कोशिशों में तकनीकी भूमिका निभाई थी।

चार्जशीट के मुताबिक, वानी ने दिसंबर 2023 से जनवरी 2024 के बीच ऑनलाइन माध्यम से कई सामान खरीदे थे।

एजेंसी का दावा है कि इन खरीद के लिए भुगतान उमर उन नबी की ओर से किया गया था।

डेढ़ साल से चल रही थी साजिश

NIA का दावा है कि लाल किला ब्लास्ट की साजिश अचानक नहीं बनी थी। चार्जशीट के अनुसार, कथित मॉड्यूल करीब डेढ़ साल से अपनी योजना पर काम कर रहा था।

जांच एजेंसी ने आरोपियों को अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद यानी AGuH से जोड़ते हुए कहा है कि इस संगठन की विचारधारा से प्रभावित होकर हमले की योजना तैयार की गई।

NIA के अनुसार, आरोपी लाल किले को भारतीय राज्य के प्रतीक के तौर पर देखते थे।

एजेंसी का दावा है कि उमर उन नबी के ठिकाने से मिले हस्तलिखित नोटों में लोकतंत्र के विरोध

और भारत में शरिया कानून लागू करने की बात दर्ज थी।

उमर उन नबी की भूमिका

चार्जशीट में उमर उन नबी को आरोपी नंबर-1 यानी A-1 बताया गया है।

वह पुलवामा का रहने वाला डॉक्टर था और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था।

NIA के मुताबिक, 10 नवंबर 2025 को लाल किला इलाके में विस्फोट करने वाली Hyundai i20 को उमर उन नबी चला रहा था।

जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि उमर पहले कई बार लाल किला इलाके में गया था।

चार्जशीट में दिसंबर 2023 से मई 2025 के बीच उसके ऐसे 12 दौरों का उल्लेख किया गया है।

NIA ने दाखिल की 7,500 पन्नों की चार्जशीट

NIA ने मई 2026 में इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।

एजेंसी के मुताबिक, चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

NIA ने कहा था कि मामले में शामिल आरोपी AGuH से जुड़े थे,

और कथित तौर पर ‘Operation Heavenly Hind’ के तहत भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को हटाकर शरिया कानून लागू करने की साजिश से जुड़े थे।

बाद में NIA ने इस मामले में तीन और आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की।

इससे साफ है कि एजेंसी की जांच शुरुआती आरोपियों से आगे भी जारी रही है।

क्या हुआ था घटना वाले दिन लाल किले के पास

10 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक Hyundai i20 में जोरदार विस्फोट हुआ था।

धमाके के बाद आसपास खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

शुरुआती घंटों में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ी और 13 नवंबर तक दिल्ली पुलिस के अनुसार मौतों का आंकड़ा 13 पहुंच गया था।

बाद में इलाज के दौरान दो और घायलों की मौत हुई और 17 नवंबर तक मृतकों की संख्या 15 हो गई।

जांच के दौरान NIA ने इसे वाहन में लगाए गए IED से किया गया आत्मघाती हमला बताया।

एजेंसी ने उमर उन नबी को विस्फोट वाली कार का चालक और मुख्य हमलावर बताया।

घटना के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और जांच दिल्ली पुलिस से NIA को सौंप दी गई।

इसके बाद देश के कई हिस्सों में जांच और तलाशी अभियान चलाए गए।

अब सामने आई चार्जशीट से जांच की तस्वीर और स्पष्ट हुई है। इसमें AI के इस्तेमाल, ऑनलाइन खरीदारी, Signal पर संचार और लंबे समय तक चली कथित साजिश को जांच के अहम हिस्सों के रूप में पेश किया गया है।

https://regionalreporter.in/uttarakhand-bhu-kanun-eradi-144-nali-land/
https://youtu.be/AVYzvlgVjws?si=-DQm3Tl6AsKfUdDg
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