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सरोकारों से साक्षात्कार

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे मनमोहन बर्त्वाल

अधिकारियों पर मनमानी का आरोप

सेवा समाप्ति और अल्मोड़ा अटैचमेंट के फैसले को लेकर उठाए सवाल, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय देहरादून के

अधिकारियों के खिलाफ मनमोहन बर्त्वाल ने सोमवार से धरना शुरू कर दिया।

उन्होंने अधिकारियों पर मनमानी और तानाशाही का आरोप लगाते हुए अपने साथ हुई कार्रवाई को नियमों के विपरीत बताया।

बर्त्वाल ने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती,

उनका लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू करने की भी चेतावनी दी है।

विवाद का केंद्र बर्त्वाल का अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अटैचमेंट और बाद में सेवा समाप्त किए जाने का फैसला है।

उनका आरोप है कि 6 अप्रैल 2022 को उन्हें उनकी सहमति के बिना राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ाअटैच कर दिया गया।

यह कार्रवाई उनके अनुसार संविदा की शर्तों के अनुरूप नहीं थी।

नोटिस और सुनवाई का अवसर नहीं देने का आरोप

मनमोहन बर्त्वाल का कहना है कि उन्होंने अपने अटैचमेंट और सेवा से जुड़े मामले में कई बार अधिकारियों के सामने पक्ष रखा।

सितंबर 2026 तक उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को उन्हें सेवा समाप्ति का पत्र जारी कर दिया गया।

बर्त्वाल का आरोप है कि सेवा समाप्त करने से पहले न तो उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिला।

उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता और संविदा की शर्तों का पालन जरूरी है।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष भी अहम

मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से पहले कहा गया था कि अनुपस्थित रहने

या दूसरे संस्थान में अटैच किए गए संविदा कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए थे

और नियमानुसार कार्रवाई की गई। वहीं, बर्त्वाल का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला।

ऐसे में सेवा समाप्ति से पहले जारी किए गए नोटिस, संबंधित आदेशों और दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच मामले की स्थिति स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

बर्त्वाल ने अपने आंदोलन को न्याय और जवाबदेही की मांग से जुड़ा बताया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक अपना विरोध जारी रखेंगे।

https://regionalreporter.in/hnb-garhwal-university-vigilance-awareness-week-2026/
https://youtu.be/LNGk1UF7kmo?si=WCWrmZBhL5lIwmiA
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