बुलंदशहर के मतदाता के आवेदन का एसएमएस उत्तराखंड में मिलने का दावा, ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग
भाकपा (माले) के उत्तराखंड राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने मतदाता सूची में विवरण संशोधन के आवेदन से
जुड़े एसएमएस को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मतदाता सूची में अपना विवरण ठीक कराने के लिए कोई आवेदन नहीं किया,
इसके बावजूद उन्हें भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से आवेदन और बीएलओ नियुक्ति के संदेश मिले।
मैखुरी के मुताबिक, उन्होंने इस मामले में भारतीय निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त,
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चमोली जिले के निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने कोई आवेदन ही नहीं किया, तो उनके मोबाइल नंबर पर ये संदेश क्यों भेजे गए।
उत्तर प्रदेश के आवेदन को बताया गया वजह
मैखुरी ने बताया कि उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से मिले जवाब में कहा गया कि उत्तर प्रदेश के
बुलंदशहर जिले की सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता विवरण संशोधन के लिए किसी व्यक्ति ने आवेदन किया था।
आरोप के मुताबिक, आवेदन में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने के कारण एसएमएस मैखुरी के पास पहुंच गए।
उन्होंने इस स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि संदेश भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से आए थे।
ऐसे में आवेदन प्रक्रिया और मोबाइल नंबर के सत्यापन की व्यवस्था स्पष्ट होनी चाहिए।
एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग
इंद्रेश मैखुरी ने इस घटना को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जोड़ते हुए
आशंका जताई कि मतदाताओं के नाम हटाने या विवरण में बदलाव के जरिए राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया जा सकता है।
हालांकि, उन्होंने इस आशंका के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
मैखुरी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग भी की।
उन्होंने इसे वोट चोरी से जुड़ा मामला बताते हुए ऐसी कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने की अपील की।















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