एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में कार्यक्रम, छात्रों ने रखे विचार
ज्योतिराव गोविंदराव फुले (ज्योतिबा फुले) की जयंती के अवसर पर Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal University
के डॉ. अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को फुले के जीवन, विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान से अवगत कराना रहा।
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए विचार
कार्यक्रम के दौरान केंद्र के विद्यार्थियों सुनील, पूनम, किशोर और अनामिका ने फुले के जीवन परिचय और उनके समाज सुधार कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने शिक्षा के महत्व, सामाजिक समानता और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर
अपने विचार साझा करते हुए बताया कि कैसे फुले ने समाज में बदलाव की मजबूत नींव रखी।

शिक्षा को बताया परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम
केंद्र समन्वयक प्रो. एम.एम. सेमवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ज्योतिबा फुले ने
शिक्षा को समाज सुधार का सबसे प्रभावी हथियार माना।
उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को विस्तार से बताया।
इसके अलावा डॉ. आशीष बहुगुणा, डॉ. वीर सिंह और डॉ. मुकेश सहाय ने भी अपने विचार रखते हुए फुले के योगदान को प्रेरणादायक बताया।
समाज में समानता का संदेश
कार्यक्रम में यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि ज्योतिबा फुले का पूरा जीवन सामाजिक समानता,
शिक्षा के प्रसार और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने अपने कार्यों से यह साबित किया कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत आधार है।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. शैलेन्द्र, डॉ. वीर सिंह सहित कई शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



















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