नक्सल ऑपरेशन में अदम्य साहस दिखाकर तीन नक्सलियों को किया था ढेर
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा निवासी मुशाहिद अली ने अपनी बहादुरी से प्रदेश का नाम रोशन किया है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के इस जवान को उनकी वीरता के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
नक्सल ऑपरेशन में दिखाई बहादुरी
मुशाहिद अली ने जुलाई 2019 में बिहार-औरंगाबाद बॉर्डर के चकरबंदा क्षेत्र में चलाए गए
‘सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन (शैडो)’ के दौरान असाधारण साहस का परिचय दिया था।
25 जुलाई 2019 को हुई मुठभेड़ में, जब वे कोबरा कमांडो यूनिट में तैनात थे,
उन्होंने तीन नक्सलियों को मार गिराया। उनके इस शौर्य को देखते हुए उन्हें वीरता पुरस्कार के लिए नामित किया गया।
‘शौर्य दिवस’ पर मिला सम्मान
इस वीरता पुरस्कार की घोषणा गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2025 को की गई थी।
इसके बाद 9 अप्रैल 2026 को दिल्ली में आयोजित ‘शौर्य दिवस’ कार्यक्रम में सीआरपीएफ के
डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया।
इस समारोह में कुल सात जवानों को वीरता पुरस्कार से नवाजा गया।
खटीमा में खुशी की लहर
उधम सिंह नगर के सीमांत क्षेत्र खटीमा के इस्लामनगर निवासी मुशाहिद अली की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
उनके परिवार, मित्रों और स्थानीय लोगों ने गर्व व्यक्त करते हुए इसे पूरे उत्तराखंड के लिए सम्मान बताया।
उनकी बहादुरी युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभर रही है।
2014 में सीआरपीएफ में हुए थे भर्ती
मुशाहिद अली वर्ष 2014 में दिल्ली से सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे।
सेवा के दौरान उन्होंने देश के कई संवेदनशील इलाकों में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात हैं।




















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