राष्ट्रपति को पत्र लिखकर सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल को पद से हटाने की मांग की अपील, सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने का आह्वान
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने
‘लेटर फॉर अंकिता भंडारी’ अभियान शुरू करने की अपील की है।
उन्होंने लोगों से राष्ट्रपति को पत्र लिखकर सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल को पद से हटाने की मांग उठाने का आह्वान किया है।
योगिता भयाना ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अब लोगों को अंकिता भंडारी की आवाज बनना होगा।
उन्होंने लोगों से अपनी कलम के जरिए इस अभियान से जुड़ने और राष्ट्रपति भवन तक अपनी बात पहुंचाने की अपील की।
राष्ट्रपति को पत्र लिखने की अपील
योगिता भयाना ने अपने संदेश में कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ऐसे में मामले से जुड़े आरोपों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्यपाल की नियुक्ति ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
उन्होंने लोगों से राष्ट्रपति को संबोधित पत्र लिखकर नवनियुक्त राज्यपाल को पद से हटाने की मांग करने को कहा।
उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में पत्र राष्ट्रपति भवन पहुंचने से इस मुद्दे पर जनभावना और जवाबदेही की मांग सामने आएगी।
पत्र के साथ वीडियो साझा करने की अपील
अभियान के तहत योगिता भयाना ने लोगों से अपनी बायो में उपलब्ध पत्र का टेम्पलेट डाउनलोड करने,
उसका प्रिंट निकालने और हस्ताक्षर करके राष्ट्रपति भवन भेजने की अपील की है।
उन्होंने लोगों से पत्र लिखते हुए अपना वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर #LetterForAnkitaBhandari हैशटैग के साथ साझा करने को भी कहा।
‘हमारी कलम विरोध की आवाज बने’
योगिता भयाना ने अपने संदेश में कहा कि किसी एक व्यक्ति का पत्र भी मायने रखता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे यह सोचकर पीछे न हटें कि उनके एक पत्र से क्या बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से उठाई गई आवाज को अनसुना करना आसान नहीं होगा।
उन्होंने अभियान को अंकिता के साथ एकजुटता दिखाने और जवाबदेही की मांग करने का माध्यम बताया।
योगिता भयाना सामाजिक कार्यकर्ता हैं और महिला अधिकारों तथा यौन हिंसा के मामलों में न्याय के लिए काम करती हैं। वह ‘पीपल अगेंस्ट रेप इन इंडिया’ (PARI) की संस्थापक हैं।















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