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नितिन नवीन की टीम ने बढ़ाई उत्तराखंड की सियासी हलचल

बलूनी का कद बरकरार तो तीरथ का प्रमोशन; गौतम पर सस्पेंस

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई केंद्रीय टीम का ऐलान कर दिया है।

नई टीम में उत्तराखंड को भी अहम जगह मिली है। हालांकि, नियुक्तियों के साथ ही राज्य बीजेपी के संगठन में संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

उत्तराखंड के लिहाज से नई टीम में सबसे बड़ा संदेश अनिल बलूनी और तीरथ सिंह रावत को मिली जिम्मेदारियों से जुड़ा है।

बलूनी पर लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के तौर पर भरोसा जताया गया है,

जबकि पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।

वहीं, लंबे समय से उत्तराखंड बीजेपी के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे,

दुष्यंत गौतम को नई केंद्रीय टीम में जगह नहीं मिली है।

इसके बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या उत्तराखंड संगठन में भी जल्द कोई बदलाव देखने को मिलेगा?

बलूनी पर तीसरी बार भरोसा, राष्ट्रीय संगठन में पकड़ कायम

अनिल बलूनी को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी मिलना उत्तराखंड बीजेपी के लिए अहम माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की मीडिया रणनीति संभालना आज के दौर में सिर्फ प्रेस ब्रीफिंग तक सीमित नहीं है।

टीवी, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पार्टी का पक्ष प्रभावी तरीके से रखना भी इस जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ऐसे में बलूनी को एक बार फिर यही जिम्मेदारी मिलना बताता है कि केंद्रीय नेतृत्व उनके अनुभव और संगठनात्मक भूमिका पर लगातार भरोसा बनाए हुए है।

तीरथ सिंह रावत का राष्ट्रीय स्तर पर कद बढ़ा

नई केंद्रीय टीम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

तीरथ सिंह रावत लंबे समय से बीजेपी संगठन से जुड़े रहे हैं और उत्तराखंड की राजनीति में उनकी अलग पहचान है।

अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका राज्य की राजनीति से आगे बढ़कर पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में भी महत्वपूर्ण होगी।

राजनीतिक तौर पर इसे तीरथ सिंह रावत के राष्ट्रीय संगठन में बढ़ते कद के तौर पर देखा जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल- दुष्यंत गौतम का क्या होगा?

नई टीम में दुष्यंत गौतम का नाम शामिल नहीं होने के बाद उत्तराखंड बीजेपी में सबसे ज्यादा चर्चा इसी को लेकर है।

गौतम लंबे समय से उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

अब केंद्रीय टीम में उनका नाम नहीं होने से सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी उत्तराखंड के लिए नया प्रभारी नियुक्त करने की तैयारी कर रही है?

हालांकि, बीजेपी ने अभी दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड प्रभारी पद से हटाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

इसलिए फिलहाल इसे संभावित संगठनात्मक बदलाव की अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

अजेय कुमार के बाद फिर बदलाव के संकेत?

उत्तराखंड बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल की चर्चाएं पहले से चल रही हैं।

ऐसे में दुष्यंत गौतम का नई केंद्रीय टीम से बाहर रहना इन चर्चाओं को और हवा दे रहा है।

यदि आने वाले समय में गौतम को भी उत्तराखंड प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाता है,

तो प्रदेश बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में यह एक और बड़ा बदलाव होगा।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि पार्टी उत्तराखंड के लिए नया प्रभारी किसे बनाती है और क्या नई नियुक्ति के साथ प्रदेश संगठन में भी कोई बड़ा फेरबदल होता है।

सह प्रभारी रेखा वर्मा की भूमिका बनी रहेगी

नई केंद्रीय टीम में उत्तराखंड की सह प्रभारी रहीं रेखा वर्मा का नाम बरकरार है।

ऐसे में अगर प्रदेश के लिए नया प्रभारी नियुक्त होता है तो नई टीम के साथ उनका समन्वय भी महत्वपूर्ण होगा।

यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि उत्तराखंड 2027 के विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है

और बीजेपी के सामने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की चुनौती है।

उत्तराखंड से इन नेताओं को मिली केंद्रीय जिम्मेदारी

नितिन नवीन की नई टीम में उत्तराखंड से कई नेताओं को जिम्मेदारी मिलने की बात सामने आई है। इनमें प्रमुख रूप से-

  • अनिल बलूनी — राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी
  • तीरथ सिंह रावत — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  • महेंद्र पांडेय — केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी
  • आलोक भट्ट — केंद्रीय संगठन में जिम्मेदारी

इन नियुक्तियों को उत्तराखंड बीजेपी के नेताओं की राष्ट्रीय संगठन में मौजूदगी मजबूत होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

2027 से पहले BJP के लिए क्या है इसका मतलब

उत्तराखंड बीजेपी के लिए ये नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की ओर बढ़ रही है।

एक तरफ राज्य में सरकार के सामने एंटी-इनकंबेंसी और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को साधने की चुनौती है,

तो दूसरी तरफ संगठन को भी चुनावी मोड में मजबूत करना होगा।

ऐसे में केंद्रीय संगठन में उत्तराखंड के नेताओं को मिली जिम्मेदारियां

और प्रदेश प्रभारी को लेकर उठ रही चर्चाएं आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

फिलहाल तस्वीर में तीन बातें सबसे अहम हैंबलूनी का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पद पर भरोसा कायम रहना,

तीरथ सिंह रावत का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनना और दुष्यंत गौतम को लेकर बना सस्पेंस।

अब देखना होगा कि नितिन नवीन की नई टीम के बाद उत्तराखंड बीजेपी में अगला संगठनात्मक बदलाव किस स्तर पर होता है और 2027 से पहले पार्टी की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

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